फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की क्रस्ना लैब में टेस्ट बंद, निजी लैबों में भटकते रहे मरीज

विज्ञापन
सोलन अस्पताल में इलाज के करवाने के लिए पहुंचे लोग, पर्ची काउंटर पर बारी का इंतजार करते हुए। संव
विज्ञापन
तीन माह से वेतन न मिलने पर कर्मियों ने रोकी सैंपलिंग, सरकारी लैब में एक घंटे बढ़ाई टाइमिंग
विज्ञापन

राज्य सरकार के पास फंसा क्रस्ना लैब का लाखों का भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में मरीजों को टेस्ट की सुविधा दे रही क्रस्ना लैब की सेवाएं मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक ठप हो गईं। तीन माह से वेतन न मिलने से परेशान कर्मचारियों ने सैंपलिंग का कार्य रोक दिया, जिसके कारण अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और वे टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में भटकते रहे। बताया जा रहा है कि क्रस्ना लैब का लाखों रुपये का भुगतान राज्य सरकार के पास फंसा हुआ है, जिसका भुगतान लंबे समय से नहीं हो पाया है। इसी कारण कर्मचारियों को पिछले तीन माह से सैलरी नहीं मिली है। क्रस्ना लैब में सेवाएं बंद होने के बाद मरीजों की भीड़ सरकारी लैब की ओर उमड़ पड़ी। मरीजों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने सरकारी लैब का समय एक घंटा बढ़ाकर दोपहर 1 बजे तक सेवाएं जारी रखीं। हालांकि, इससे सरकारी लैब पर काम का बोझ काफी बढ़ गया। वहीं, कई प्रकार के टेस्ट न हो पाने के कारण मरीजों को महंगे दामों पर टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों की ओर रुख करना पड़ा, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ा।
कर्मचारी बोले, कैसे करें गुजारा
क्रस्ना लैब के कर्मचारियों ने बताया कि वे सोलन में किराये के कमरों में रहते हैं और त्योहार का समय होने के बावजूद उन्हें तीन माह से सैलरी नहीं मिली है। ऐसे में गुजारा करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उन्हें बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा, तब तक वे मरीजों के सैंपल नहीं लेंगे।
विज्ञापन

रोजाना होते हैं 600 से ज्यादा टेस्ट
क्षेत्रीय अस्पताल में रोजाना 1,000 से ज्यादा ओपीडी होती है, जिसमें 600 से ज्यादा मरीजों के टेस्ट किए जाते हैं। क्रस्ना लैब में कई प्रकार के टेस्ट निशुल्क है, जबकि अन्य टेस्ट भी सरकारी दरों पर ही किए जाते थे, जो निजी लैब की तुलना में कई गुना सस्ते पड़ते हैं। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिलती है।
कोट
क्रस्ना लैब ने मंगलवार दोपहर बाद कोई भी टेस्ट नहीं किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले तीन माह से सैलरी नहीं आई है, जिसके चलते उन्होंने कामकाज रोका है। उन्होंने आपातस्थिति में सभी प्रकार के टेस्ट करने के आदेश जारी किए हैं।
विज्ञापन

डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक,क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन

सोलन अस्पताल में इलाज के करवाने के लिए पहुंचे लोग, पर्ची काउंटर पर बारी का इंतजार करते हुए। संव

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें