नालागढ़ (सोलन)। पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब से सटे जिला सोलन में अब अंतरराज्यीय सीमाओं से आने वाले हर शख्स की न केवल स्क्रीनिंग होगी, बल्कि उनके रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट भी किए जाएंगे। आवश्यक वस्तुओं वाले वाहनों और अन्य सेवाओं में शामिल लोगों के बिना टेस्ट के किसी को भी प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा और यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग के बाद ही उसे प्रदेश में प्रवेश करने दिया जाएगा। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की सूरत में प्रदेश में ऐसे व्यक्ति को दाखिल नहीं होने दिया जाएगा।
उसे स्क्रीनिंग सेंटर में रखा जाएगा। जहां पर उसका आरटी-पीसीआर टेस्ट होगा। इसके बाद उसे आईसोलेशन सेंटर में भेज दिया जाएगा। पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा से जिला सोलन की सीमाएं वहीं नालागढ़ के दभोटा, ढेरोंवाल, बघेरी से पंजाब, बद्दी के टोल बैरियर, बरोटीवाला, कालूझिंडा और परवाणू से हरियाणा की सीमाएं शुरू होती हैं। पड़ोसी राज्यों की सूबे से लगती सीमाओं पर स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार अंतरराज्जीय बैरियरों पर स्क्रीनिंग सेंटर बनाए जाएंगे। जो भी व्यक्ति अन्य राज्यों से हिमाचल की सीमाओं में प्रवेश करेगा, उसका तुरंत रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट किया जाएगा। इसके लिए इन स्क्रीनिंग सेंटरों के साथ ही 15 से 20 बेडों का अस्थायी क्वारंटीन सेंटर भी बनाया जाएगा। बाहरी राज्यों से आया यदि कोई व्यक्ति पॉजीटिव पाया जाता है तो उसे इन क्वारंटीन केंद्रों में रखा जाएगा और उसे प्रदेश में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। बता दें कि कोरोना के मामले आने के बाद औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के नालागढ़ और झाड़माजरी को हॉटस्पॉट भी घोषित किया गया है। यहां पर भी रैपिड डायग्नोस्टिक किट के माध्यम से कोविड-19 की बारीकी से जांच हो रही है। एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने कहा कि पड़ोसी राज्यों की प्रदेश की सीमाओं पर स्क्रीनिंग सेंटर और अस्थायी क्वारंटीन केंद्रों के लिए जगहों की तलाश की जा रही है और जल्द इन्हें बना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कालूझिंडा में 70 बिस्तरों वाला क्वारंटीन केंद्र और टेस्ट सेंटर बनाया जा चुका है।