दून के पट्टा स्थित वरिष्ठ माध्यमिमक स्कूल में मिडल कक्षा के बच्चों को खेती से जुड़ी जानकारी देत
- फोटो : जेतवन परिसर में भ्रमण करते अनुयायी।
प्रगतिशील किसान संजीव ठाकुर ने पट्टा महलोग स्कूल में दी पारंपरिक खेती की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पट्टा महलोग में कृषि विषय पढ़ने वाले छात्रों को प्रगतिशील किसान संजीव ठाकुर ने प्राकृतिक खेती के गुर सिखाए। छठी से आठवीं कक्षा के वोकेशनल विषय कृषि के छात्रों को गेस्ट लेक्चर देते हुए ठाकुर ने परंपरागत और आधुनिक खेती के अंतर स्पष्ट किए। संजीव ठाकुर ने बच्चों को रबी नवंबर में बुवाई और खरीफ जून में बुवाई की फसलों की विस्तृत जानकारी दी, जो तीन माह में तैयार हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि किसान पहले बीज स्वयं तैयार करते थे, जो सस्ता, टिकाऊ था और उसमें बीमारियां कम आती थीं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान में किसान बीज कंपनियों के भरोसे हो गए हैं, जो बीज के साथ-साथ कीट नाशक और रासायनिक खादों की सप्लाई भी करती हैं। अधिक खाद डालने से फसलों की पौष्टिकता समाप्त हो रही है, जिससे फसलों में रोग लगना शुरू हो गए हैं। स्कूल की कार्यकारी प्रधानाचार्य मोनिका वर्मा ने बच्चों को कृषि से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी देने पर संजीव ठाकुर का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर समन्वयक जसवीर कंवर और वोकेशनल ट्रेनर सुषमा भी उपस्थित रहीं।
प्राकृतिक खेती ही समाधान
किसान संजीव ठाकुर ने छात्रों को प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने फसलों में लगने वाले रोगों के निवारण के लिए जीवामृत व घनाजीवामृत तैयार करने की सरल विधि भी बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक तरीके अपनाने से खेतों में मित्र कीट जीवित रहते हैं, जबकि रासायनिक दवाएं डालने से ये मित्र समाप्त हो जाते हैं और जमीन बंजर बन जाती है।