चंबाघाट से अस्पताल तक चलाई जाती थीं एचआरटीसी की टैक्सी
बुजुर्ग-महिलाओं को दी जाती थी प्राथमिकता, अब पेश आ रही परेशानी
10 रुपये में पहुंच जाते थे अस्पताल, अब ऑटो में लग रहे 150 रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम सोलन डिपो की ओर से शहर में चलाने वाली दो इलेक्ट्रिक टैक्सी अब धूल फांक रही हैं। यह टैक्सियां करीब पांच से छह माह पहले से बंद हैं। निगम की ओर से यह टैक्सियां शहर के चंबाघाट लेकर क्षेत्रीय अस्पताल सोलन तक चलाई जाती थीं। इनमें बाईपास कथेड़ और आसपास के क्षेत्रों से भी लोग अस्पताल तक पहुंचते थे। एक टैक्सी की बैटरी खराब है, तो दूसरी को चार्ज करने के लिए निगम के पास अभी सुविधा ही नहीं है। निगम के अनुसार इनमें आम बसों से अलग चार्जर का उपयोग किया जाता है, ऐसे में इन्हें चार्ज करना मुश्किल है। महीनों से बैटरी भी निगम को नहीं मिल पा रही है। निगम इन दोनों टैक्सियों को लोगों की मांग को देखते हुए किसी भी लोकल रूट पर शुरू कर सकता है, लेकिन इनके ठीक न होने के कारण कोई भी लाभ नहीं उठा पा रहा है। इन दोनों टैक्सियों का सबसे अधिक लाभ मरीजों को ही मिलता था। इनमें बुजुर्ग महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती थी। वहीं अब बसों और ऑटो में झटकों के साथ इन्हें आवाजाही करनी पड़ रही है। निगम की इस टैक्सी में हर सवारी को 10 रुपये में क्षेत्रीय अस्पताल तक पहुंचाया जाता था। इसका सबसे अधिक लाभ मरीजों को मिलता था। एक ऑटो में चंबाघाट से क्षेत्रीय अस्पताल तक जाने में करीब 150 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
कोट
निगम की ओर से इन टैक्सियों की बैटरी को ठीक करने और चार्ज करने की सुविधा के लिए मांग भेजी गई है। अब तक खराब पड़ी बैटरी को नही बदला गया है। वहीं रूटों पर चलाए जाने के बाद कई चालकों के ऑबजेक्शन के बाद इन्हें कई बार बंद करना पड़ा है। लोगों की मांग के हिसाब से इन्हें ठीक कर रूटों पर भेजा जाएगा।
- विनोद कुमार शर्मा
अतिरिक्त क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी सोलन