मौसम की मार से परेशान किसानों के चेहरों पर टमाटर की बढ़ी कीमतों ने रौनक ला दी लेकिन उपभोक्ताओं को बेहाल कर दिया है। अमूमन शुरुआती सीजन मंडी में 300-600 रुपये बिकने वाले सोलन के लोकल टमाटर का 25 किलो का कैरेट 600 से 800 से तक बिक रहा है। 32 रुपये किलो किसानों को दाम मिल रहे हैं। लिहाजा किसानों को मंडी में अच्छी खासी बढ़ी कीमतें मिल रही हैं।
यही टमाटर का परचून में 35 से 40 रुपये किलो ग्राहकों को मिल रहा है। यही नहीं सोलन सब्जी मंडी समेत, वाकनाघाट, धर्मपुर सब्जी मंडी में भी टमाटर का रेट बढ़ना लगभग तय है। बारिश और ओलावृष्टि से अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों की टमाटर की फसलेँ मौसम की मार से तबाह हो गई थीँ। लिहाजा टमाटर की कीमतें बढ़ गईं। अब कुछ क्षेत्रों से बढ़ा हुआ टमाटर मंडियों तक पहुंचना शुरू हो चुका है। सोलन में टमाटर की पैदावार सर्वाधिक रहती है। यहां से टमाटर के 9,74,948 कैरेट सब्जी मंडी पहुंचते हैं। 36 करोड़ तक व्यापार होता है। ज्यादातर किसान टमाटर की फसल ही उगाते हैं।
दागी टमाटर की कीमत भी खरी
किसान जयाराम, राजेंद्र, संजू, देवी चंद, राम लाल, सीताराम, रत्तीराम, गीता राम, सुरेश, दलीप, गणेश और सुशील ने कहा कि इस बार ओले के कारण टमाटर की पैदावार को काफी नुकसान पहुंचा था। काफी मात्रा में टमाटर दागी हुआ है। इसके बावजूद दागी टमाटर के भी अच्छे दाम मिल रहे हैं। लिहाजा जैसे-जैसे सीजन बढ़ेगा, टमाटर की बेहतर कीमतें मिलेंगी।
इस बार फायदे का टमाटर सीजन
बसाल के किसान देवी चंद ने कहा कि पिछले वर्ष टमाटर का कैरेट 150 से 300 रुपये तक बिका था वहीं इस बार 600 से 800 रुपये तक टमाटर का कैरेट बिक रहा है। हालांकि इस बार पैदावार कुछ बेहतर नहीं है। बारिश के चलते टमाटर को काला धब्बा रोग लग चुका है। लेकिन अच्छे किस्म के टमाटर की मंडी में सही कीमत लग रही है जोकि किसानों के लिए फायदे का सौदा लग रहा है।
शिमला मिर्च के भी अच्छे दाम
सोलन में शिमला मिर्च की 26290 क्विंटल के आसपास पैैदावार पैदा होती है। सालाना करीब 41.20 करोड़ रुपये कारोबार रहता है। जिला सोलन के किसान जहां टमाटर की फसल उगाते हैं उसी के साथ यहां पर शिमला मिर्च की भी खेती की जाती है। इन दिनों सब्जी मंडी में शिमला मिर्च के दाम 40 से 45 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इससे किसानों की अच्छी आमदनी हो रही है। शिमला मिर्च का परचून रेट 45 से 50 रुपये प्रतिकिलो ग्राहकों को मिल रहा है।