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Solan News: जिले के प्री प्राइमरी स्कूल में बच्चों की देखरेख के लिए हेल्पर रखना अनिवार्य

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शिक्षा विभाग ने सभी निजी, सरकारी स्कूलों के लिए आदेश किए जारी
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3 वर्ष तक की आयुवर्ग के 10 बच्चों पर एक शिक्षक व हेल्पर जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शिक्षा विभाग ने छोटे बच्चों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। विभाग द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार अब प्री-प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की देखरेख के लिए शिक्षकों के साथ-साथ हेल्पर तैनात करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें तीन वर्ष तक के 10 बच्चों के समूह पर एक शिक्षक और एक हेल्पर का होना अनिवार्य है। 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए प्रति 20 बच्चों पर एक शिक्षक और एक हेल्पर नियुक्त करना जरूरी होगा। उप जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक शिक्षा राज कुमार पराशर ने बताया कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं के छोटे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तिगत देखभाल और निगरानी की अधिक आवश्यकता होती है। अकेले शिक्षक के लिए पूरी कक्षा को संभालना चुनौतीपूर्ण रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के लिए हेल्पर की भूमिका को अनिवार्य बनाया है। यह नियम केवल निजी स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों पर भी समान रूप से लागू होगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन आदेशों की अवहेलना करने वाले शिक्षण संस्थानों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
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कोट
सभी सरकारी और निजी स्कूलों को इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है। जो भी शिक्षण संस्थान इन आदेशों की अनदेखी करेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कुमारी रीता गुप्ता, शिक्षा उपनिदेशक, प्रारंभिक शिक्षा
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