आरोपी दवा कंपनी को कच्चा माल करता था सप्लाई
इस मामले में आठ आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
अंतिम आरोपी को भी अब जल्द किया जाएगा गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बद्दी में नकली दवा बनाने वाली कंपनी ट्राइजिल फार्मुलेशन को कच्चा माल सप्लाई करने वाले फरार आरोपी सुरेंद्र मलिक की उच्च न्यायालय ने अंतरिम जमानत खारिज कर दी है। अब इसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अभी तक इस मामले में आठ गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं अब इसे भी जल्द ड्रग विभाग की टीम गिरफ्तार कर लेगी।
जानकारी के अनुसार 22 नवंबर 2022 को ड्रग विभाग ने बद्दी में नकली दवाई बनाने वाली कंपनी ट्राइजिल फार्मुलेशन का पर्दाफाश किया था। इस कंपनी के पास कोई लाइसेंस नहीं था। लेकिन उसके बावजूद भी यहां पर नकली दवा बना कर उसे यूपी में सप्लाई किया जाता था। 22 नवंबर 2022 को जब कंपनी से माल भर कर एक छोटी गाड़ी यूपी जा रही थी तो ड्रग विभाग की टीम ने उसे बद्दी बैरियर पर पकड़ लिया था। इस कंपनी में नामी कंपनियों के नाम पर दवाइयां बनाई थीं। जबकि इन कंपनियों की यह दवाइयां ही नहीं थी। गाड़ी के चालक ने सिक्का होटल के समीप एक गोदाम से दवाई लाने की बात स्वीकारी। जिस पर गोदाम से भारी मात्रा में दवाई बरामद की गई थी। उसके बाद बद्दी के हनुमान मंदिर के समीप एक कंपनी ट्राइजिल फार्मुलेशन का पता चला। जिसमें इन दवाइयों का निर्माण होता है। यह कंपनी किसी और के नाम थी लेकिन इसे कोई और ही चला रहा था। वहीं इस मामले में पंचकूला निवासी सुरेंद्र मलिक ने उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत ले ली थी। लेकिन उच्च न्यायालय के न्यायाधीश वीरेंद्र की अदालत ने इसे रद्द कर दिया। विभाग की ओर से अतिरिक्त एडवोकेट जनरल लीना गुलेरिया ने पैरवी की।
राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि ट्राइजिल फार्मुलेशन के मामले में विभाग को कच्चा माल सप्लाई करने वाले सुरेंद्र मलिक की तलाश थी। उच्च न्यायालय ने उसकी जमानत रद्द कर दी है। अब जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
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इनकी हो चुकी है गिरफ्तारियां
इस मामले में ड्रग विभाग ने कंपनी के संचालक मोहित बंसल, अतुल गुप्ता, विजय कौशल, नरेश कुमार, मोहम्मद ईदरिश, फोएल सप्लाई करने वाले विरेंद्र व बृजेश दो सगे भाई समेत कच्चा माल देने वाले दिनेश को गिरफ्तार किया था। लेकिन कच्चा माल देने वाले एक और सप्लायर सुरेंद्र मलिक फरार था। वह विभाग के हाथ नहीं चढ़ रहा था। सुरेंद्र मलिक की बद्दी में एक कंपनी एक्ले फार्मुलेशन थी। जिसका उसके पास फूड लाइसेंस था। लेकिन वह बाहर से कच्चा माल लाता था और अपनी कंपनी में कुछ नहीं बनाता और सारा कच्चा माल ट्राइजिल फार्मुलेशन को दे देता था।