किस विद्यार्थी ने कितना पॉलीथिन किया एकत्र रहेगा रिकॉर्ड
विद्यार्थियों को पॉलीथिन के वजन के हिसाब से मिलेगा क्रेडिट
शिक्षा विभाग ने जिले के स्कूल प्रबंधकों को आदेश किए जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण की भावना पैदा करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक पहल की है। इसके तहत जिले के स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों से सिंगल यूज (एकल-उपयोग) वाले प्लास्टिक की वस्तुओं की खरीद की जाएगी। प्लास्टिक बाय बैक पॉलिसी के तहत हर स्कूल में एकल उपयोग प्लास्टिक का सही प्रबंधन होगा। विद्यार्थी अपने घर से प्लास्टिक अपने घर से स्कूल लाएंगे। स्कूल में इसका पूरा रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। इस योजना के लिए विज्ञान प्रौद्योगिकी पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन विभाग ने निर्देश जारी किए हैं, जिसमें एकल उपयोग प्लास्टिक जमा करवाने पर 75 रुपये प्रति किलो के हिसाब से स्कूल को पैसा दिया जाएगा।
जिला विज्ञान पर्यवेक्षक अमरीश शर्मा ने बताया कि संयुक्त सचिव विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद शिमला की ओर से जारी आदेश में प्रारंभिक शिक्षा विभाग और विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद (हिमकोस्ट) के सहयोग से स्कूलों में चल रहे इको क्लब इस गतिविधि को कार्यान्वित करेंगे और इस के तहत इस प्रकार से इकठ्ठा किया गया प्लास्टिक स्कूल की नजदीकी पंचायत, नगर पंचायत, कैंटोनमेंट बोर्ड, नगर परिषद या नगर निगम में जमा करवाया जाएगा। उस कार्यालय से प्राप्त सिंगल उपयोग प्लास्टिक की मात्रा की रसीद विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण परिषद शिमला (हिमकोस्ट) भेजने पर 75 रुपये प्रति किलो के हिसाब से पैसा प्रदान किया जाएगा।
उप जिला शिक्षा अधिकारी राज कुमार पराशर ने बताया कि स्कूलों में जमा करवाया प्लास्टिक का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। क्रेडिट प्रणाली के अनुसार अंक दिए जाएगें। जिसमें 100 ग्राम प्लास्टिक पर एक अंक और इसी तरह एक किलो पर 10 अंक दिए जाएंगे। इसके बाद विद्यार्थियों को इसकी प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। वहीं उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सोलन डॉ. शिव कुमार ने कहा कि इस योजना से सभी नगर निकायों और पंचायतों में चल रहे प्लास्टिक प्रदूषण के लिए उठाए गए कदमों को भी समर्थन मिलेगा। बच्चों में पर्यावरण के प्रति रुचि बढ़ेगी।