नालागढ़ (सोलन)। अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए बीबीएन का स्थानीय प्रशासन सख्त हो गया है। इसके तहत शनिवार को नालागढ़ के एसडीएम की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण के क्षेत्र में सक्रिय समाजसेवी संस्था हिम परिवेश के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर एसडीएम नालागढ़ ने खनन, प्रदूषण नियंत्रण, राजस्व और पुलिस विभाग सहित अवैध खनन और पर्यावरण से जुड़े सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे इस दिशा में एनजीटी के दिशा निर्देशानुसार दोषी व्यक्तियों पर सख्त एवं त्वरित कार्रवाई करें। अवैध खनन के खिलाफ पुलिस और प्रशासन सभी संबंधित विभागों की ओर निरंतर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
बावजूद इसके इस दिशा में और अधिक कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। एसडीएम ने कहा कि पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन और पर्यावरण के विरुद्ध हो रहे किसी भी कार्य के बारे में पुलिस और प्रशासन को सूचित करें। इस अवसर पर बीडीओ विश्व मोहन देव चौहान, तहसीलदार रामशहर जनक राज शर्मा, सहायक अरण्यपाल नालागढ़ मनीष प्रवारी, उप पुलिस अधीक्षक बद्दी साहिल अरोड़ा, नायब तहसीलदार नालागढ़ आशा राम, नायब तहसीलदार पंजेहरा राज कुमार पोसवाल, नायब तहसीलदार बद्दी बलराज नेगी के अतिरिक्त पर्यावरण से जुड़ी हिम परिवेश संस्था के अध्यक्ष लच्छमी सिंह, महासचिव बालकृष्ण शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रण विजय सिंह, उपाध्यक्ष संजीव कौशल, सह सचिव बाबा हरदीप सिंह, प्रेस सचिव सतविंदर सिंह, कानूनी सलाहकार नरेश घई सहित हिना परिवेश संस्था के प्रतिनिधियों के अलावा पुलिस विभाग, राजसव विभाग, खनन विभाग, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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लीज पर दी गई भूमि की करें निशानदेही
एसडीएम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्रेशर मालिकों को माइनिंग के लिए लीज पर दी गई भूमि की निशानदेही सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अवैध खनन और बढ़ता प्रदूषण पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती है । जन सहयोग के बिना इससे निपटना कठिन है। उन्होंने इस विषय में हिम परिवेश संस्था के प्रयासों की सराहना की और अपेक्षा की कि वे भविष्य में भी इस विषय में पुलिस और प्रशासन को पूर्व की भांति सकारात्मक सहयोग प्रदान करते रहेंगे।
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खनन से गिर रहा पानी का स्तर
बढ़ते अवैध खनन के कारण क्षेत्र में जल स्तर निरंतर गिर रहा है और क्षेत्र की उठाऊ सिंचाई योजनाएं सूखने के कगार पर हैं। उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में जमीन के अंदर का पानी न तो पीने के काबिल है और न ही खेतों में सिंचाई के योग्य है।