ऑप्थेल्मिक कर्मी के दो पद हैं रिक्त
धर्मपुर और कुनिहार से प्रतिनियुक्ति आ रहा कर्मी
जिले के सबसे बड़े अस्पताल में आ रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को चश्मे का नंबर लेना मुश्किल हो गया है। यहां पर डेढ़ वर्ष से ऑप्थेल्मिक कर्मी का पद रिक्त पड़ा हुआ है। हैरानी की बात तो यह है कि जिले का सबसे बड़ा अस्पताल होने के बाद भी यहां सरकार ने कर्मी की तैनाती नहीं की है। ऐसे में मरीजों को बाहरी लैब में भटकना पड़ रहा है। बाहरी लैब में चश्मे का नंबर लेने के लिए ही 800 रुपये से 1500 रुपये लग जाते हैं। जबकि अस्पताल में नेत्र जांच करवाने पर कोई पैसे मरीज से नहीं लिए जाते हैं। इस कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नेत्र जांच के लिए मरीजों को जेब भी ढीली करनी पड़ रही है।
हालांकि, धर्मपुर और कुनिहार से तीन दिन के लिए प्रतिनियुक्ति पर कर्मी आते हैं। लेकिन इनका फायदा मंगलवार, बुधवार और वीरवार को ही मिलता है। जबकि सोमवार, शुक्रवार और शनिवार को अस्पताल में चश्मे का नंबर लेने वाले लोगों को काफी दिक्कतेंं आती हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर ऑप्थेल्मिक कर्मी की तैनाती की मांग की है।
गौर रहे कि क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में सिरमौर और शिमला के कुछ क्षेत्रों से भी लोग उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल में नेत्र रोग का उपचार करने के लिए दो विशेषज्ञ तैनात हैं। ऐसे में मरीजों की यहां पर कतारें लगी रहती हैं। जांच के दौरान अमूमन चिकित्सक नेत्र जांच करवाने के लिए ऑप्थेल्मिक कर्मी के पास भेजते हैं ताकि सही नंबर मरीज को दिया जा सके। लेकिन अस्पताल में ऑप्थेल्मिक कर्मी के दोनों पद खाली पड़े हुए हैं। ऐसे में दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले लोगों को कर्मी के होने और न होने की कोई जानकारी नहीं होती है। इस कारण मरीज बिना नंबर लिए लौट जाते हैं।
इनसेट
अस्पताल में ऑप्थेल्मिक कर्मी तीन दिन प्रतिनियुक्ति पर आता है। रिक्त पदों को लेकर उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि आगामी दिनों में अस्पताल में ऑप्थेल्मिक कर्मी की तैनाती हो जाएगी।
-डॉ. संदीप जैन
चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
क्षेत्रीय अस्पताल में ऑप्थेल्मिक कर्मी के कक्ष में छाया अंधेरा। संवाद