सोलन शहर में अभी भी लोग पानी की किल्लत झेलने को मजबूर हैं।
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प्रदेश सरकार के वित्तीय बजट 2016-17 में जिला सोलन में औद्योगिक, पर्यटन विकास से लेकर पानी की कमी को दूर करने को लेकर हुई बड़ी घोषणाएं सब्जबाग ही साबित हुईं। घोषणाएं धरातल पर फलीभूत नहीं हो सकीं। पेयजल किल्लत से जूझ रहे सोलन जिला समेत प्रदेश में पीने के पानी के लिए विधायक प्राथमिकता पर हैंडपंप तक नहीं लग सके। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित कर यहां वाटर स्पोर्ट्स, गोल्फ कोर्स, पार्क और मनोरंजन केंद्र बनाने की घोषणाएं की थीं लेकिन हुआ कुछ नहीं।
बरोटीवाला-परवाणू इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को एक साल बाद एक करोड़ का बजट मिला। लेकिन इसका काम भी अभी शुरू नहीं हो सका। हालांकि अर्की में फायर पोस्ट और बद्दी में महिला थाना घोषणाओं के तहत खुल चुके हैं। वहीं चकौताधारकों को मालिकाना हक मिलने की प्रक्रिया चरम पर है। सरकार जहां 10 मार्च को नए वित्त वर्ष 2016-17 का बजट पेश कर रही है कि सरकार का इस टेन्योर का यह आखिरी बजट होगा। अधर में लटकी पुरानी घोषणाएं सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रश्न चिन्ह लगा रही हैं।
यहां तो जानकारी ही नहीं
वर्ष 2016-17 के बजट में घोषणा की गई थी कि पीने के पानी के लिए विधायक प्राथमिकता पर हैंडपंप लगाए जाएंगे। स्थानीय निवासियों की मांग पर हैंडपंपों का विद्युतीकरण किया जाएगा। इसके लिए लोगों में हैंडपंप के रखरखाव और बिजली का बिल देने पर सहमति बनानी थी। इसके लिए बजट में 35 करोड़ का प्रावधान किया था। जिला सोलन में इस तरह का कोई भी हैंडपंप विद्युत चालित नहीं हो सका। आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता हेमंत तनवर ने बताया कि उन्हें ऐसी किसी योजना की जानकारी नहीं है और न ही किसी हैंडपंप का विद्युतीकरण किया गया।
वाटर स्पोर्ट्स, गोल्फ और मनोरंजन केंद्र रहे छलावा
2016-17 के बजट में औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में पर्यटन, खेलकूद और साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने को खासी तरजीह दी गई। बजट में घोषणा हुई थी कि बीबीएन को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करते हुए वाटर स्पोर्ट्स, गोल्फ कोर्स, पार्क और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किए जाएं। हिमाचल सरकार ने बजट में प्रदेश के पांच क्षेत्रों में बद्दी को शामिल किया गया, जहां निजी क्षेत्र को लंबी लीज जगह देकर योजना को अमलीजामा पहनाने की बात कही थी। लेकिन कुछ नहीं हुआ। बीबीएनडीए अधिकारी का कहना है कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
साल के अंत में आया बजट
सबसे अहम घोषणाओं में से एक बरोटीवाला और परवाणू के बीच इंडस्ट्री कोरीडोर स्थापित करने की थी। बरोटीवाला से परवाणू के बीच औद्योगिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए दोनों के बीच वाया मसूलखाना - कोटभेजा पटटा रोड की चौड़ाई बनाने की प्राथमिकता को रखा था। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन को लेकर दूसरे राज्यों में न जाना पड़े। सरकार की इस प्राथमिकता को भी एक साल बाद तीन मार्च को लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता कार्यालय के लिए एक करोड़ के बजट का प्रावधान हो गया है। अधिशाषी अभियंता संदीप सोबती का कहना है कि सड़क को लेकर डीपीआर तैयार की जा रही है।