सोलन। दिवाली के दौरान शहर भर में बेची गई मिठाई गुणवत्ता में कमतर पाई गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग जगहों से जो सैंपल एकत्र किए थे, उनमें से छह फेल हो गए हैं। इन सैंपलों की रिपोर्ट अब विभाग के पास पहुंची है। रिपोर्ट मिलते ही विभाग ने दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। फेल सैंपलों में घटिया मावा पाया गया है। इस मावा से बनी मिठाइयों, वेफर, शकरपारा सहित अन्य शामिल हैं।
इसका सीटीएल कंडाघाट से आई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। फेल सैंपलों में देसी बर्फी का एक, मिल्क केक के दो, शकरपारा का एक और वेफर का एक सैंपल शामिल है। इसमें से मिल्क केक और देसी बर्फी सब स्टैंडर्ड पाई गई है। बाकी खाद्य पदार्थों में ज्यादा रंग का प्रयोग किया है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को नोटिस जारी कर एक माह के भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। कारोबारी फेल सैंपल की जांच खुद मनमर्जी की प्रयोगशाला से करवा सकता है अन्यथा विभाग नियमानुसार अपील पर कार्रवाई शुरू कर देगा।
उधर, दिवाली, करवाचौथ, भाईदूज के दौरान भरे इन सैंपलों की रिपोर्ट आने से पहले कई उपभोक्ता इनका सेवन कर चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि इस पूरे त्योहारी सीजन में 28 सैंपल भरे थे। इसमें से छह फेल निकले हैं। कई मिठाइयों में धूल-मिट्टी के कण तो कई में जरूरत से अधिक सिंथेटिक कलर का यूज हुआ है। सिंथेटिक कलर के अधिक सेवन से स्किन इनफेक्शन, थ्रोट इनफेक्शन और पेट दर्द की समस्या हो सकती है। इसे लेकर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। अब सैंपलों की रिपोर्ट फेल आने से कारोबारियों के कारनामे सामने आने लगे हैं।
कारोबारियों को भेजे नोटिस : ठाकुर
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग सोलन एलडी ठाकुर ने त्योहारी सीजन में सोलन समेत नालागढ़ और बद्दी में कुल 28 सैंपल लिए थे। इनमें से सोलन के छह सैंपल फेल निकले हैं। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के खाद्य सुरक्षा विभाग से दिवाली, धनतेरस, भाईदूज और अन्य त्योहारों पर सोलन शहर के मालरोड और नालागढ़-बद्दी रोड पर स्थित मिठाई की दुकानों से विभिन्न मिठाइयों के सैंपल भरे गए। सभी कारोबारियों को नोटिस जारी किए हैं। इसमें 30 दिनों के अंदर इन सभी कारोबारियों को जवाब देने को कहा गया है।