जिला सोलन के अब छह ब्लॉक होंगे। दून विस क्षेत्र का पट्टा महलोग जिला का छठा ब्लॉक होगा। लिहाजा संबंधित क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को विकास खंड कार्यालय से संबंधी कार्य के लिए धर्मपुर या नालागढ़ का सफर नहीं करना पड़ेगा। पट्टा महलोग में बीडीओ कार्यालय खोलने की प्रदेश सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए पंचायतीराज विभाग ने दून विस क्षेत्र के पट्टा महलोग में विकास खंड कार्यालय खोलने के लिए संबंधित पंचायतों से प्रस्ताव के माध्यम से जनमत सुझाव मांगे हैं।
वर्तमान में दून की 19 पंचायतें धर्मपुर विकास खंड में आती हैं। शेष 14 पंचायतें नालागढ़ ब्लॉक में हैं। पट्टा महलोग की प्रधान ममता गुप्ता, पूर्व प्रधान पवन गुप्ता, चंडी की प्रधान सुनीता देवी, बलवंत ठाकुर, जाड़ला से प्रेमचंद ठाकुर, बड़लग की सुमन, दाड़वा पंचायत की प्रधान ममता गुप्ता, पूर्व प्रधान पूर्ण चंद गुप्ता ने बताया कि यदि सरकार पट्टा महलोग में बीडीओ कार्यालय खोलती है तो इस फैसले का स्वागत करेंगे।
इसकी मांग लंबे अरसे से की जा रही है जो अब जाकर पूरी होने की उम्मीद जगी है। वर्तमान में सोलन जिला में पांच ब्लॉक है। इसमें कंडाघाट, कुनिहार, धर्मपुर, नालागढ़ और सोलन शामिल है।
पंचायत के प्रस्ताव पर निर्भर
वर्तमान में जिले का दून ही एकमात्र ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहां पर बीडीओ कार्यालय नहीं है। ऐसे में लंबे समय से इस विस क्षेत्र के लोग कार्यालय खोलने की मंाग करते आ रहे हैं। अब विभाग और सरकार का प्रयास है कि इस क्षेत्र की अधिकतर पंचायत जिस स्थान पर बीडीओ कार्यालय खोलने का प्रस्ताव डालती है उसी आधार पर अब फैसला लिया जा सकता है।
अप्रैल माह में लेंगे फैसला
भौगोलिक दृष्टि से पट्टा महलोग दून की समस्त पंचायतों का केंद्र बिंदु है। पहाड़ी क्षेत्र की अधिकतर पंचायतों में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान भी यहां पर विकास खंड कार्यालय खोलने की सिफारिश की थी लेकिन यह ठंडे बस्ते में पड़ गया था। कृष्णगढ़ पंचायत के प्रधान रामनाथ वशिष्ठ ने बताया कि विभाग की ओर से विकास खंड कार्यालय खोलने के लिए पंचायत से प्रस्ताव मांगे हैं। अप्रैल में होने वाली ग्रामसभा के माध्यम से इस विषय पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
पंचायतों से मांगे गए हैं सुझाव
खंड विकास अधिकारी धर्मपुर मयंक नेगी ने बताया कि अभी मात्र पंचायतीराज विभाग की ओर से दून में विकास खंड कार्यालय खोलने के लिए पंचायतों से सुझाव मांगे हैं। संबंधित पंचायतों के प्रस्ताव और सुझाव मिलने के बाद ही अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।