सोलन। प्रदेश में बसें चलाने के बाद अब सोलन और परवाणू डिपो बाहरी राज्यों में बसें दौड़ाने की तैयारी में जुट गया है। पहले चरण में सोलन डिपो 12 और परवाणू डिपो छह बसें चलाएगा। अधिकतर रूट मुनाफे वाले चलाए जाएंगे जबकि लोगों की मांग को देखते हुए भी बसें रूट पर भेजी जाएंगी। इसके लिए निगम ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और स्टाफ को तैनात कर दिया है।
इन दिनों लोकर रूटों पर भी बसें सुचारु रूप से चल रही है। खास बात यह है कि निगम को उन रूटों पर भी सवारियां मिल रही हैं जो घाटे में थे। इससे निगम को घाटे से उबरने की आस भी जगी है। बसों को बाहरी राज्यों में जाने की मंजूरी के बाद से निगम ने योजना बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी थी। इन रूटों को एक जुलाई से चलाने की सोलन और परवाणू डिपो को स्वीकृति मिल गई है।
स्वीकृति के बाद स्टाफ को भी बुलाया गया है और बसों को सैनिटाइज करवाया जा रहा है। वर्तमान में सोलन डिपो के 85 और परवाणू के 10 रूट हिमाचल के भीतर रोज चल रहे हैं। इनमें अधिकतर रूट ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे हैं। उधर, आरएम सोलन शुगल सिंह ने बताया कि सरकार के आदेशों के बाद एक जुलाई से बसों को बाहरी राज्यों में भेजा जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है।
ये रूट चला रहा परवाणू और सोलन डिपो
पहली जुलाई से 50 फीसदी क्षमता के साथ सोलन डिपो शिमला-दिल्ली, बाघा-दिल्ली, शिमला-हरिद्वार, शिमला-लुधियाना, शिमला-होशियारपुर, शिमला-अमृतसर, रोहडू-चंडीगढ़, थानाधार-चंडीगढ़, बिजमल-चंडीगढ़, शिमला-चंडीगढ़ रूट है। परवाणू डिपो परवाणू-चंडीगढ़, परवाणू-ऊना, परवाणू-बद्दी, परवाणू-नालागढ़, बद्दी-अंबाला, पुराना पंचकूला, शिमला-पठानकोट रूट चला रहा है। परवाणू डिपो के ये रूट बाहरी राज्यों से होकर चलते हैं।