वॉशिंग पाउडर बनाने वाली कंपनी के कामगारों ने 12वें दिन भी प्रदर्शन जारी
50 से अधिक कामगार हुए बेरोजगार
मंगलवार को श्रमिकों की कंपनी प्रबंधकों के साथ होगी बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला(सोलन)। काठा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक वॉशिंग पाउडर बनाने वाले उद्योग में तालाबंदी के बाद 12वें दिन भी कामगारों ने प्रदर्शन किया। बारिश में टेंट लगा कर कामगार हड़ताल पर बैठे रहे। कंपनी बंद होने से 50 से अधिक कामगार बेरोजगार हो गए हैं, जिनमें अधिकतर हिमाचली हैं। सोमवार को इंटक फेडरेशन के बैनर तले कामगारों ने कंपनी के गेट पर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व नीरज सतीश, नरदेव, राकेश कुमार, लक्की, विजय और प्रदीप जैसे कामगारों ने किया। कामगारों ने कंपनी संचालकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कामगार पंकज ने बताया कि वह पिछले नौ साल से कंपनी में काम कर रहे थे। उन्हें अचानक बिना कोई कारण बताए नौकरी से निकाल दिया गया है। कंपनी की ओर से उन्हें अभी तक बोनस भी नहीं मिला है। एक अन्य कामगार नीरज ने बताया कि वह दस साल से इस कंपनी में कार्यरत थे। इस बार किसी भी कामगार का वेतन नहीं बढ़ाया गया था। उन्होंने प्रबंधन से इस बारे में बात की, लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद कामगारों ने श्रम अधिकारी को अपनी समस्या को लेकर मांग पत्र सौंपा। इस मांग पत्र की सुनवाई 12 अगस्त को रखी गई थी। लेकिन उस दिन कंपनी की ओर से निकाले गए अधिकारी को भेजा गया। अब 18 को दोबारा समझौता बैठक रखी गई है।
इंटक फेडरेशन के प्रदेश महासचिव हरबंस राणा ने इस कार्रवाई को निंदनीय बताया। राणा ने कहा कि बिना पूर्व सूचना के कर्मचारियों को निकालना श्रम कानूनों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमाचली कर्मचारियों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। उधर, कंपनी के संचालकों का कहना है कि उनकी कंपनी दूसरी कंपनी के लिए ठेके पर काम करती थी। उक्त कंपनी ने काम देना बंद कर दिया, जिसके चलते कंपनी को बंद करना पड़ा।