राज ने बताया कि वे शिमला से कुपवी जा रहे थे। हरिपुरधार से करीब 200 मीटर पहले बस अचानक पटल गई। सड़क पर पाला काफी जमा हुआ था। जैसे ही टायर पाले पर चढ़ा तो बस एक ओर मुड़ने लगी। ड्राइवर ने स्टीयरिंग घुमाया लेकिन बस खाई में गिर गई। थोड़ी देर में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। करीब 20 मिनट बाद राहत दल भी पहुंचा। उन्होंने यात्रियों को बस से निकलना शुरू किया। कुछ ही देर बाद हरिपुरधार क्षेत्र एंबुलेंस के सायरन से गूंजने लगा। जब तक प्रशासन का बचाव दल मौके पर पहुंचा तब तक लोग गंभीर हालत में एक-दूसरे पर गिरे रहे। घायल यात्री बचाव के लिए आवाज लगाते रहे। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद राहत बचाव कार्य में तेजी आई। एक के बाद एक सवारियों को हरिपुरधार अस्पताल ले जाया गया। यहां से घायलों को रेफर करना शुरू किया।
ये भी पढ़ें- Himachal Bus Accident: सिरमौर के हरिपुरधार में ओवरलोड बस दुर्घटनाग्रस्त, हादसे में 14 लोगों की मौत; 52 घायल
बस गिरते ही सहम गए लोग
शिमला से हरिपुरधार नानी के घर जा रही दिव्यांशी ने बताया कि बस में भीड़ थी। जैसे ही बस फिसलने लगी तो सभी लोग डर गए। इस दौरान बस खाई की तरफ खिसक गई। उसके बाद उन्हें पता नहीं चल पाया कि क्या हुआ।
समझ नहीं आया क्या हुआ
सोलन अस्पताल में भर्ती घायल विरमा ने कहा कि वह शिमला से हरिपुरधार अपने घर जा रही थीं। माघी के त्योहार के चलते बस में काफी भीड़ थी। इस दौरान जैसे ही बस गिरी उन्हें समझ नहीं आया कि वह क्या करे। आसपास के घायलों की हालत देखकर वह काफी डर गई थी। हालांकि, जब बचाव दल मौके पर पहुंचा तब तक उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि हुआ क्या है।
दो माह बाद जा रहा था घर
हरिपुरधार के आशीष ने बताया कि वे दो माह बाद घर जा रहे थे। शिमला से बस में बैठे थे कि शाम तक परिवार के पास पहुंच जाएंगे। उनके साथ कामकाज करेंगे। हरिपुरधार से 200 मीटर पहले ही बस पलट गई। जैसी बस गिरी तो समझ नहीं आया कि क्या हुआ। आंखों के सामने अंधेरा छा गया।