अब जमीन को समतल करने का काम शुरू
पहले चरण का कार्य लगभग पूरा, कुछ पेड़ों के होने से रुका है काम
केंद्र ने 2024 तक पार्क निर्माण का कार्य पूरा करने का रखा लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ के मझौली पंचायत में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क की जमीन समतल करने का दूसरे चरण का कार्य शुरू हो गया है। अभी तक यहां पर पहले फेस का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। 384 करोड़ रुपये की लागत से यह प्रोजेक्ट तैयार होगा। इसके तैयार होने से 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश के हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (एचपीएसआईडीसी) इस पार्क का निर्माण करवा रहा है और सरकार ने यहां पर इसके लिए अलग से एक डिवीजन खोल कर यहां अधिशासी अभियंता को तैनात किया है। उसकी देखरेख में यह कार्य हो रहा है। वर्ष 2024 तक इसे तैयार करने का लक्ष्य दिया गया है।
मझौली पंचायत के गिहड़ और तेलीवाल में 1623 बीघा जमीन मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहा है। यह पार्क के बनने से मेडिकल के सभी डिवाइस हमारे देश में ही तैयार होंगे। अभी तक इसके लिए चाइना पर निर्भर रहना पड़ता है। कोरोना काल में चाइना से मेडिकल डिवाइस आने बंद हुए तो भारत को अहसास हुआ और तभी से केंद्र सरकार ने देश भर में डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क खोलने का फैसला लिया। बल्क ड्रग पार्क तो ऊना और मेडिकल डिवाइस पार्क नालागढ़ के मझौली में बन रहा है। जहां पर यह पार्क बनना है वहीं पर जमीन पहाड़ी नुमा थी अब इस जमीन की कटिंग करके समतल किया जा रहा है। जमीन को समतल करने के लिए दो भागों में इसे बांटा गया है। पहले फेस की जमीन को लगभग समतल कर दिया गया है। कुछ पेड़ों के बीच में आने से काम पूरा नहीं हो पाया है। पेड़ों की कटाई के बाद यहां पर कार्य पूरा होगा।
जमीन सीधी होने के बाद पहले पेस में यहां प्रयोगशालाएं, वेयर हाउस, एडमिन ब्लाॅक, बिजली बोर्ड व ईटीपी प्लांट के लिए स्ट्रक्चर खड़े होंगे। जबकि दूसरे चरण में इंड्रस्ट्रियल प्लाट बनाए जाएंगे। निर्माण कार्य देख रहे एचपीएसआईडीसी के अधिशासी अभियंता राजेश मिन्हास ने बताया कि जमीन को समतल करने का कार्य प्रगति पर है। जमीन के बीच में पेड़ आने से उनकी कटिंग के बाद ही शेष कार्य संपन्न होगा। पेड़ों की कटाई के लिए विभाग की परमिशन मिल चुकी है। जल्द ही दोनों फेस को समतल कर दिया जाएगा
वहीं उद्योग विभाग के सदस्य सचिव विनीत कुमार ने बताया कि 1623 बीघा में लगने वाले मेडिकल डिवाइस पार्क के तैयार होने से सभी मेडिकल डिवाइस यहीं पर तैयार होंगे। इस प्रोजेक्ट में 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।