निजी स्कूलों की मान्यता नवीनीकरण के आवेदनों में कई अनियमितताएं
शुल्क सहित 25 प्रतिशत आरक्षण का भी नहीं दिया प्रमाणपत्र
शिक्षा विभाग ने प्रमाण पत्र के साथ दोबारा आवेदन करने के दिए निर्देश
45 छोटे-बड़े स्कूल प्रबंधकों ने मान्यता के लिए नहीं किया आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की मान्यता नवीनीकरण के लिए आवेदनों की छंटनी शुरु कर दी है। इसमें कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं। इसमें कई स्कूलों ने आवेदन के साथ मांगे गए आवश्यक दस्तावेज तक जमा नहीं करवाए हैं। कुछ स्कूलों ने अध्यापकों का सटीक ब्योरा तक नहीं दिया है, जबकि कुछ ने स्कूल में 25 प्रतिशत आरक्षण के तहत शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के प्रमाण पत्र समेत शुल्क संरचना की कोई जानकारी नहीं दी है।
अब ऐसे स्कूलों को शिक्षा विभाग ने सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ दोबारा आवेदन करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलाव 45 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक मान्यता रिन्यू के लिए आवेदन ही नहीं किया है। उनसे भी इसका कारण मांगा गया है। जानकारी के अनुसार जिले के निजी स्कूलों की मान्यता रिन्यू करने का समय 31 मार्च को पूरा हो गया था। शिक्षा विभाग हर साल निजी स्कूलों से नवीनीकरण संबंधित औपचारिकताएं लेता है। इसके लिए स्कूलों को आवेदन करना होता है, आवेदन के बाद विभाग की टीम स्कूल पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेती है। इसके बाद मान्यता रिन्यू की जाती है।
उधर, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा डॉ. शिव कुमार ने बताया कि मान्यता रिन्यू के लिए आए आवेदनों की छंटनी की जा रही है। इसमें कई स्कूलों की ओर से किए आवेदन में महत्वपूर्ण दस्तावेज ही शामिल नहीं किए हैं। जिन्हें दोबारा आवेदन के साथ दस्तावेजों को देने के लिए कहा गया है।