रिश्वत मामले के अारोपी आरटीअो को अस्पताल में मेडिकल के लिए लाया गया।
रिश्वतखोरी में फंसा आरटीओ मोहन लाल मेहता सस्पेंड हो गया है। बुधवार को आरोपी को विजिलेंस ने अदालत में पेश किया। यहां से उसे तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है। आरटीओ की तीस नवंबर को रिटायरमेंट थीं। लेकिन मंगलवार देर रात उसे विजिलेंस एंड एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ रिश्वत लेते परवाणू से गिरफ्तार कर लिया। उधर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
विजिलेंस की जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने शिकायत की थी कि आरोपी उससे बस के रूट को मॉडीफाई करवाना था। कई बार आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाए। लेकिन उसे डेट पर डेट दी जाती रही। बाद में आरटीओ ने उससे बीस हजार की मांग कर डाली।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने विजिलेंस विभाग में अपनी शिकायत दर्ज करवाई। विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाया और आरटीओ को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। डीएसपी विजिलेंस श्वेता ठाकुर ने बताया कि विभाग की टीम ने मोहन लाल को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
मेडिकल के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया जहां से उसे तीन दिन का पुलिस रिमांड मिला है। विभाग ने आरोपी को सस्पेंड कर दिया है।