सोलन। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को परवाणू से सोलन तक फोरलेन निर्माण करना मुश्किल हो गया है। निर्माण कंपनी ने दर्जनों क्षेत्र में कई मीटर कच्ची मिट्टी की लेयर बनाकर डंगा लगा दिया और उसके ऊपर सड़क बनाई दी। इसी के साथ पहाड़ियों की भी 90 डिग्री पर कटिंग कर सड़क निर्माण कर दिया है। जिससे अब यह अधिक दरक रहे हैं।
कई जगहों में सड़क धंस रही है। यहां पर भी सड़क के नीचे ढहने का खतरा बना हुआ है। इससे पहले कुमारहट्टी-सोलन बायपास में टनल को जाने वाली सड़क भी ढह चुकी है। यह सड़क भी कच्ची मिट्टी पर बना दी थी। इसका खुलासा सड़क के ढह जाने के बाद तब हुआ जब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने मृदा जांच करवाई। यह सड़क भी अभी तक सुचारू नहीं हो पा रही है।
अब सोलन से परवाणू तक पट्टामोड़, सनवारा, जाबली के पास भी सड़क धंस गई है। वहीं तंबूमोड़ के समीप सड़क ढह गई है। सड़क पर बीते सप्ताह दरारें आ गईं थीं। अब यह जगह पूरी ढह गई है। सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं है। वाहन चालक डर के साये में यहां से निकल रहे है। वहीं पहाड़ी के दोनों और बने कई घरों को खतरा है। बारिश में दर्जनों पेड़ भी सड़क पर आ गए हैं। हाईवे पर पानी की निकासी भी सही नहीं है। इससे कलवर्ट में पानी न जाने के बजाए सड़क पर ही बह रहा है।
गौर रहे कि कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर परवाणू से सोलन तक पहले चरण में फोरलेन निर्माण कार्य किया गया था। यह कार्य अब लगभग पूरा हो चुका है। इस हाईवे पर केवल मेंटेनेंस कार्य ही चला हुआ है। कंपनी की ओर से मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है। लेकिन बारिश में सड़क पूरी तरह से खराब हो गई है और पहाड़ी वाली लाइन में 100 फीसदी तक मलबा आ गया है। इसके चलते हाईवे पर पहाड़ी वाली लेन को पूर्णतया बंद कर दिया है।
यहां से वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही है और यातायात को दूसरी लेन में डायवर्ट किया गया है। इससे पहले जब परवाणू से सोलन फोरलेन निर्माण कार्य शुरू हुआ था तब भी बरसात के दिनों में यहां पर क्रेट वायर के डंगे लगाए गए थे। यह डंगे भी ढह गए थे। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पुल निर्माण की ड्राइंग बदली थी और इसे नई ड्राइंग के मुताबिक फोरलेन पर डंगे लगाने का कार्य किया था।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद दइया के अनुसार फोरलेन निर्माण नियमों के तहत किया गया है। बारिश का अधिक पानी पहाड़ी से आने के बाद तंबूमोड़ पर सड़क निचली और ढह गई। इससे काफी नुकसान भी हुआ है।
सड़क पर एक तरफ आवाजाही चला दी गई है। मौसम साफ रहा तो बुधवार को मलबा हटाकर दो लेन को सुचारू किया जाएगा। परवाणू से सोलन तक ड्रेनेज सिस्टम को भी ठीक करने के लिए टीम बनाई गई है। टीम जल्द रिपोर्ट एनएचएआई को सौंपेगी, जिसके बाद यह कार्य करवाया जाएगा। मिट्टी की टेस्टिंग भी करवाई जाएगी।