औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के साथ लगता मलपुर गांव आजादी के 67 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाया है। इस गांव को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग अभी तक पक्के नहीं हुए हैं। दो संपर्क मार्ग तो हैं लेकिन यह मार्ग लोगों को मलकीयत जमीन के बीच होने के कारण पक्का नहीं होने देते हैं। इस गांव में 70 परिवार रहते हैं। सड़क संकरी व कच्ची होने से यहां पर छोटी गाड़ी बड़ी मुश्किल से गांव में पहुंचती है। यहां के लोगों को कहना है कि इस गांव की सड़क राजनीति की भेंट चढ़ी हुई है। बीबीएनडीए ने इस गांव की सड़क को पक्का करने के लिए बजट का प्रावधान किया था, लेकिन कुछ लोग मलकीयत जमीन होने के कारण इसे पक्का नहीं होने देते हैं। बरसात में इस मार्ग पर गाड़ियां फंस जाती हैं, जिससे लोगों को अपने वाहन गांव से बाहर ही खड़े करने पड़ते हैं। गांव राजनीतिक गुटों में बंटा हुआ है। एक गुट अपनी जमीन सड़क को देने को तैयार होता है तो दूसरा गुट इंकार कर देता है। गांव के स्वर्ण सिंह व रघुबीर सिंह ने अपने पैसों से दूसरी ओर से सड़क बनानी शुरू की थी, लेकिन दूसरे किसान की जमीन बीच में आने से कार्य रोक दिया गया। यह गांव अभी तक पक्की सड़क से नहीं जुड़ पाया है।