प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में स्थापित एक नामी बैटरी उद्योग ने 70 फीसदी हिमाचलियों को रोजगार और प्रदेश की आर्थिक औद्योगिक स्थिति को मजबूत करने का दावा करते हुए सभी लाभ लिए। यहां तक की सैकड़ों बीघा जमीन भी सरकार से सस्ती दामों पर ले ली, लेकिन बाद में कामकाज समेटना शुरू कर दिया। अब नौबत यहां तक पहुंच चुकी है कि उद्योग में कार्यरत 1100 श्रमिक बेरोजगार हो चुके हैं। सभी प्रमुख इकाइयों ने अपना कामकाज लगभग समेट लिया है। प्रदेश सरकार ने फैक्टरी लगाने के लिए बद्दी में कई बीघा जमीन प्रदान की थी। अब इन उद्योगों में चौकीदार के सिवाय कोई नजर नहीं आता है। इस बैटरी उद्योग के कई प्लांटों का शुभारंभ तत्कालीन सीएम प्रेम कुमार धूमल ने किया था। तब कंपनी के दावा किया था कि वे हिमाचल में लंबी पारी खेलने के लिए आए हैं। इन उद्योगों में 70 फीसदी से ज्यादा हिमाचलियों को रोजगार मुहैया कराएंगे। मंदी की मार के अलावा विशेष औद्योगिक पैकेज की अवधि समाप्त हो जाने के बाद इन उद्योगों की तालाबंदी स्पष्ट नजर आ रही है।
बद्दी में इनवर्टर बैटरी उद्योग का बड़ा कारखाना शान से चलता था, लेकिन आज यहां पर काम होना तो दूर कोई कर्मचारी नजर नहीं आता है। गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मी ने बताया कि फैक्टरी बंद पड़ी है। बंद होने का कारण हमें पता नहीं है। यहां पर तीन सौ ज्यादा कामगार काम करते थे। वहीं, पता चला है कि काठा स्थित उद्योग भी बंद पड़ा है। यहां पर चार सौ से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत थे। सभी बेरोजगार हो चुके हैं।