लघु उद्योग संघ हिमाचल ने अधिकारियों से उठाए कई अहम मुद्दे
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय शिमला ने बीबीएन के उद्योग संगठनों से बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी शंकाओं का निराकरण किया। इसके अलावा रिजर्व बैंक आफ इंडिया की तमाम बैंकिंग सेक्टर से जुडी योजनाओं की जानकारी दी गई।
हिमाचल प्रदेश माइक्रो स्माल इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष जयगोपाल गोयल ने बताया कि यह रिजर्व बैंक की त्रैमासिक एम्पावर्ड कमेटी की बैठक थी। इसमें प्रदेश के प्रमुख बैंकर एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी, यूको के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा सिडबी बैंक व राज्य स्तरीय बैंक कमेटी के प्रमुखों ने भी शिरकत की। बैठक में आरबीआई के डीजीएम पीतांबर अग्रवाल, एजीएम आशीष शर्मा ने सरकारी योजनाओं का विस्तार से बताया और उद्यमियों से उद्योग जगत को बैंकिंग सेक्टर में आ रही दिक्कतों के बारे जाना।
उन्होंने कहा कि हमें अपनी लोन किस्तें समय पर देनी चाहिए ताकि दिक्कत न आए। लघु उद्योग संघ के प्रांतीय चेयरमैन ठाकुर विचित्र सिंह पटियाल ने कहा कि लघु उद्योगों के लिए पेमेंट क्लोजर चार्जेज नहीं लगने चाहिए और इसको तुरंत बंद किया जाना चाहिए। फेसिलिएशन काउंसिल में फैसला अवार्ड हो जाने पर तुरंत देनदारी वाली पार्टी को पेमेंट के भुगतान के आदेश होने चाहिए और इस मुद्दे पर सख्त रवैया आरबीआई और बैंक को अपनाना चाहिए ताकि प्रक्रिया सुविधाजनक बनी।
लघु उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष अशोक कुमार राणा ने दो तीन प्रमुख मुद्दे उठाए। सीजीटीएसएमई स्कीम जो कि पहले 1 करोड़ थी अब पांच करोड़ हो गई है, जिसका ज्यादा से ज्यादा लाभ एमएसई सेक्टर को मिलना चाहिए। इसके अलावा सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को कारपोरेट कारखानों की बजाय ब्याज दर में कमी होनी चाहिए। छोटे उद्योगों की 45 दिनों में पेमेंट निकल जाए।
इस अवसर पर सहायक मैनेजर पंकज कुमार, राहुल जोशी मैनेजर, बीबीएन उद्योग संघ के प्रधान राजीव अग्रवाल, संरक्षक राजेंद्र गुलेरिया, सलाहकार शैलेष अग्रवाल व औद्योगिक सलाहकार जेजी गोयल, गत्ता उद्योग संघ के अध्यक्ष ए कुमार सहित कई उद्यमी उपस्थित थे। बीबीएन उद्योग संघ ने उद्योग जगत व आर्थिक जगत से जुडे कई मुद्दे रखे और नियमों का सरलीकरण करने का आग्रह किया