सोलन जिले के चार विधायकों ने प्राथमिकता बैठक में उठाई अपने-अपने क्षेत्रों की मांगें
बद्दी में एसडीएम कार्यालय भवन बनाने के लिए रामकुमार ने मांगा बजट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को सचिवालय में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सोलन जिला के विधायकों के साथ प्राथमिकता बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में जिला के चारों विधायकों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी प्राथमिक मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं।
अर्की से विधायक संजय अवस्थी ने कहा कि आपदा के दौरान उनके क्षेत्र में सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। सड़कों की मरम्मत के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल को आरडीजी नहीं देना राज्य के साथ अन्याय है। इससे प्रदेश को प्रति वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य को उसके संवैधानिक अधिकारों से वंचित किया गया है। ऐसी परिस्थितियों में भी विधायक प्राथमिकता बैठकों के आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
नालागढ़ से विधायक हरदीप सिंह बावा ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने उनके क्षेत्र में 14 करोड़ से निर्मित पुलों का शिलान्यास किया गया था। उनका लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में 66 करोड़ रुपये से सड़कों पर कार्य जारी है, जो शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने अपने क्षेत्र में 20 ट्यूबवेल लगाने तथा नंगल में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोलने की मांग भी रखी।
दून से विधायक राम कुमार ने अपने क्षेत्र में एसडीएम, बीडीओ कार्यालय सहित पांच बड़े कार्यालय स्वीकृत करने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान उनके क्षेत्र की सड़कों को भी काफी नुकसान हुआ है। उन्हें ठीक करने के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने आईएसबीटी बद्दी का कार्य शीघ्र शुरू करने तथा बद्दी में एसडीएम कार्यालय भवन के निर्माण के लिए बजट उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करें : विनोद
कसौली से विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने गत वर्ष की सभी प्राथमिकताओं को स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे उनके क्षेत्र में लगभग 200 करोड़ रुपये के विकास कार्य आरंभ हो रहे हैं, जिससे आम जनता को लाभ मिलेगा। उन्होंने क्षेत्र में सड़क नेटवर्क और स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की मांग भी रखी।