ऑटो चालकों ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में दिया धरना
कंडाघाट और सोलन ऑटो यूनियन मामले में हुई आमने-सामने
लोगों को ऑटो न मिलने पर झेलनी पड़ी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। कंडाघाट परमिट के ई ऑटो शहर की सड़कों पर चलने का मां शूलिनी ऑटो यूनियन ने विरोध कर दिया। इलेक्ट्रिक ऑटो और यूनियन के बीच हुई बहस के बाद मामला गरमा गया और ऑटो चालकों ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में धरना दे दिया। मामले को लेकर सोलन और कंडाघाट ऑटो यूनियन आमने-सामने हो गई। वहीं मामले को लेकर गुस्साए ऑटो चालकों ने शहर में तीन घंटे तक लोगों को सेवाएं नहीं दीं। ऑटो चालकों ने कहा कि अगर कंडाघाट के ऑटो चालकों पर कोई कार्रवाई खिलाफ नहीं होती है तो वह ऑटो की सेवाएं शहर में नहीं देंगे। तीन घंटे तक ऑटो न चलने के कारण लोगों को आने-जाने में खासी समस्या का सामना करना पड़ा। ऑटो बंद होने पर निजी बसों में अधिक भीड़ हो गई। इससे बुजुर्ग और अस्पताल जाने वाले लोगों को काफी परेशानी आई।
बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी की ओर से कंडाघाट क्षेत्र के लोगों को इलेक्ट्रिक ऑटो के परमिट जारी किए गए हैं। वह अपनी सीमाओं में ऑटो चलाने की बजाए शहर में चला रहे हैं। इस बारे कई बार मां शूलिनी यूनियन के सदस्य उनसे आग्रह भी कर चुके हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक ऑटो चालक नहीं मान रहे थे। शुक्रवार सुबह ई ऑटो शहर में चलाने पर चालकों में बहसबाजी हो गई। इसके बाद 11:00 बजे चालकों ने ऑटो चलाने बंद कर दिए। कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद करीब 2:00 बजे फिर ऑटो शुरू हुए। इसके बाद लोगों को राहत मिली।
मां शूलिनी ऑटो यूनियन के प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने कहा कि इलेक्ट्रिक ऑटो विभाग की ओर से दिए गए हैं वह सोलन यूनियन में रजिस्टर्ड भी नहीं हैं और न ही वह सोलन में ऑटो चला सकते हैं। लेकिन यह कंडाघाट के परमिट लेकर सोलन में ऑटो चला रहे हैं। इसका विरोध यूनियन की ओर से किया गया है। यूनियन का आरोप है कि बेरोजगार युवाओं कि बजाय प्रभावशाली लोगों को इलेक्ट्रिक ऑटो परमिट दिए गए हैं। इस पर प्रशासन को शिकंजा कसने का आग्रह किया गया है। यदि आने वाले समय में यही हाल रहा तो चालकों के बीच हाथापाई भी हो सकती है। इसकी जिम्मेदार प्रशासन और क्षेत्रीय परिवहन विभाग की होगी।
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क्या है नियम
अधिकारियों के अनुसार ऑटो को 20 किलोमीटर के क्षेत्र में चलाने की अनुमति होती है। इसके अनुसार कंडाघाट क्षेत्र से 10 किलोमीटर आना और 10 किलोमीटर वापस जाना निर्धारित होता है। यही नियम सोलन में पंजीकृत ऑटो पर भी है। वह भी 10 किलोमीटर आना और जाना कर सकते हैं। इससे कुल किलोमीटर 20 हो जाते हैं। लेकिन कंडाघाट के इलेक्ट्रॉनिक ऑटो चालक इस नियम की अवहेलना कर रहे हैं।
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काफी समय से इलेक्ट्रिक ऑटो सोलन में चल रहे हैं। इससे काफी दिक्कतें यूनियन को आ रही हैं। मनमाने तरीके से इलेक्ट्रिक ऑटो चालक काम कर रहे हैं। इस पर अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए। -मोहन लाल, ऑटो चालक, सोलन।
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कंडाघाट में चल रहे ऑटो सोलन यूनियन में पंजीकृत नहीं हैं। पहले चल रहे ऑटो सोलन में पंजीकृत हैं और इन्हें ही शहर में चलाने की भी मान्यता है। लेकिन नये ऑटो की मान्यता सोलन में चलाने की नहीं है।
-संतोष कुमार, पूर्व केशियर, ऑटो यूनियन सोलन
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शहर में पहले ही करीब 350 ऑटो चल रहे हैं। शहर में पहले ही पार्किंग भी नहीं है। ऐसे में शहर में ऑटो को कोई भी नए ऑटो परमिट नहीं दिए जा रहे हैं। लेकिन कंडाघाट में हाल ही में ऑटो परमिट दिए हैं। मगर वह शहर में ही चला रहे हैं।
-दिनेश कुमार, ऑटो चालक
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शहर में इलेक्ट्रिक ऑटो बिना परमिट चलाए जा रहे हैं। इनके परमिट कंडाघाट के हैं। वह केवल 20 किलोमीटर में ही ऑटो चला सकते हैं। इसमें विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए।
नरेश कुमार, ऑटो चालक
इनसेट
शहर के ऑटो चालक मुलाकात के लिए आए थे। उन्होंने समस्या को बताया। इस पर कार्रवाई की गई है। कंडाघाट परमिट के इलेक्ट्रिक ऑटो शहर में चलाना गलत है। इस पर चालान भी किया है। पुन: चालक नियमों की अवहेलना करते हैं तो इस पर कार्रवाई कर जाएगी। नियमों के अनुसार 10000 रुपये का जुर्माना और सीज भी किया जाएगा।
-सुरेंद्र ठाकुर
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सोलन
नरेश कुमार। ऑटो चालक
नरेश कुमार। ऑटो चालक
नरेश कुमार। ऑटो चालक
नरेश कुमार। ऑटो चालक