उपनिदेशक कार्यालय में ट्रायल के तैर पर उगाई ढिंगरी मशरूम। संवाद
शिक्षा उप निदेशक कार्यालय परिसर में ढिंगरी उगाने का ट्रायल सफल
पहली अप्रैल से स्कूलों में होगा ढिंगरी मशरूम बीज का आवंटन
इस सत्र से सभी स्कूलों में विद्यार्थी व शिक्षक तैयार करेंगे मशरूम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के स्कूलों में अब मिड-डे मील में बच्चों को प्रोटीन से भरपूर ढिंगरी मशरूम भी परोसा जाएगा। इससे पहले शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक कार्यालय परिसर में मशरूम तैयार करने का ट्रायल सफल रहा। कार्यालय परिसर में दो बैग लगाए गए थे, जिनसे अच्छी फसल प्राप्त हुई। अब यह पहल सभी स्कूलों तक बढ़ाई जाएगी और एक अप्रैल से स्कूलों को बीज भी वितरित किए जाएंगे। मिशन वाइट अंब्रेला के खुंब कार्यकारी निदेशक डॉ. ब्रिज लाल अत्री एक अप्रैल को शहर के साथ लगते भोज आंजी स्कूल में इसका शुभारंभ करेंगे। खास बात यह है कि मशरूम स्कूलों में ही तैयार की जाएगी। इसके लिए स्कूलों ने लगभग 30 बैग क्षमता वाला कमरा तैयार किया है। पुराने कबाड़ से रैक बनाकर बैग रखने की व्यवस्था की गई है। खुंब अनुसंधान केंद्र एवं निदेशालय के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षित शिक्षक बच्चों के साथ मिलकर मशरूम तैयार करेंगे, जिसे मिड-डे मील में शामिल किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने न्यूट्रीशन गार्डन योजना के तहत इस पहल की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य बच्चों को प्रोटीन युक्त दोपहर का भोजन उपलब्ध कराना और उन्हें मशरूम के महत्व के बारे में जानकारी देना है। प्रारंभिक चरण में जिले के 24 क्लस्टर स्कूलों को चुना गया है, जहां विज्ञान टीजीटी और प्रवक्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। एमडीएम जिला नोडल अधिकारी राजकुमार पराशर ने बताया कि बच्चों को स्कूल में तैयार ताजा मशरूम परोसा जाएगा। कार्यालय परिसर में लगाए गए बैग में अच्छी फसल निकली है और अब यह पहल स्कूलों तक विस्तारित की जाएगी।
मशरूम के फायदे
मशरूम एक सुपरफूड है। यह कम कैलोरी वाला, लेकिन पोषण से भरपूर होता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, हड्डियों को मजबूत करता है (विटामिन डी का स्रोत), वजन नियंत्रण में मदद करता है, हृदय स्वास्थ्य सुधारता है और पाचन तंत्र को भी दुरुस्त करता है। इसमें सूजन रोधी गुण हैं और यह मधुमेह रोगियों के लिए भी लाभकारी है।