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Solan News: महाभारत व राजा परीक्षित जन्म की कथा का सुनाया गया प्रसंग

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बसोट में दूसरे दिन कथा श्रवण करते हुए श्रद्धालु स्रोत: संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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नालागढ़ (सोलन)। माजरा पंचायत के बसोट गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन व्यासपीठ आचार्य भगवान दास शास्त्री कौशल ने पांडवों के जन्म और महाभारत की संक्षिप्त कथा का वर्णन किया। उन्होंने राजा परीक्षित के जन्म और उनके जीवन की कथा भी सुनाई। आचार्य ने बताया कि पांडवों ने अपने राज्य को पौत्र परीक्षित को सौंपकर वनवास किया। कलयुग के प्रभाव में राजा परीक्षित ने शमिक ऋषि के गले में मृत सांप डाल दिया था, जिस पर ऋषि के पुत्र श्रृंगी ऋषि ने उन्हें सातवें दिन तक्षक के काटने से मृत्यु का श्राप दिया। शेष जीवन के सात दिन राजा परीक्षित ने शुकदेव मुनि से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। सबसे पहले नारायण भगवान ने ब्रह्मा जी को सुनाई, ब्रह्मा जी ने नारद जी को, नारद जी ने वेदव्यास जी को, और वेदव्यास जी ने अपने पुत्र श्री शुकदेव जी को सुनाई। शुकदेव ने यह कथा राजा परीक्षित को गंगा माता के किनारे सुनाई। यजमान प्रकाश सैनी ने बताया कि कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक रहेगा। कथा की पूर्णाहुति 5 अप्रैल को दोपहर 12:00 बजे होगी, जिसके उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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