संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन) प्राथमिक शिक्षक संघ रामशहर इकाई ने 26 अप्रैल को प्राथमिक शिक्षकों के रोष प्रदर्शन उपरांत अध्यापकों का निलंबन करने पर कड़ा विरोध जताया है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार जानबूझ कर अध्यापकों के मुद्दों को दबाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद जो कार्रवाई की है वह लोकतंत्र की हत्या है। प्राथमिक शिक्षक संघ रामशहर इकाई इसका कड़ा विरोध करती है। इकाई ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि प्रारंभिक शिक्षा के लिए अलग ही निदेशालय पहले की तरह ही रहने दिया जाए, इससे प्राथमिक शिक्षकों की स्थिति में किसी भी तरह का बदलाव न आए। पीटीएफ की जिला महासचिव जगदीश चंद, रामशहर खंड अध्यक्ष गुरमेल चौधरी, कोषाध्यक्ष कमल चौधरी, सुनील, कर्मचंद, दौलत राम, यशविद्र, देवराज खटाना, नसीब चंद, सुरेंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, दौलत राम, गुरुदेव सिंह,राम सिंह,बलदेव सिंह व संजीव कुमार ने कहा कि प्राथमिक अध्यापक पिछले कई सालों से अपने विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से पांचवीं कक्षा तक लगभग सभी कक्षाओं को को पढ़ा रहे हैं। सरकार ने आज तक एनटीटी अध्यापकों की भर्ती नहीं की है, लेकिन स्कूल प्री नर्सरी की इनरोलमेंट को गिना नहीं जाता है। पिछले वर्ष से सरकार ने अंडर-12 खेलों को बंद कर दिया। उसके लिए भी संगठन को विश्वास में नहीं लिया गया, जोकि छोटे बच्चों के साथ अन्याय है। प्राथमिक शिक्षक संघ इसका भी कड़ा विरोध करता है और सरकार से मांग करता है कि पहले की भांति अंडर-12 खेलों को शुरू किया जाए।