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MMU प्रकरण पर हुई बैठक में हंगामा, भाजपा कांग्रेस आमने सामने

Wed, 14 Sep 2016 10:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में एमएमयू मेडिकल कॉलेज कुमारहट्टी में 150 अभ्यर्थियों के दाखिले को लेकर खूब हंगामा हुआ। - फोटो : अमर उजाला
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जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में एमएमयू मेडिकल कॉलेज कुमारहट्टी में 150 अभ्यर्थियों के दाखिले को लेकर खूब हंगामा हुआ। तीन भाजपा विधायकों की अगुवाई में कार्यकर्ता मीटिंग स्थल पर पहुंचे और स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर वीरभद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।
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इसके जवाब में बैठक में मौजूद गैर सरकारी सदस्य (कांग्रेसी नेताओं) ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच जमकर नोकझोंक होने लगी। इस दौरान बैठक में माहौल तनावपूर्ण हो गया। बैठक में उपस्थित एएसपी मनमोहन सिंह और अन्य पुलिस अधिकारियों ने भाजपाइयों को समझाते हुए एक तरफ किया तब जाकर माहौल शांत हुआ।

पहले भाजपा ने निकाली विरोध रैली
बुधवार को एमएमयू मेडिकल कॉलेज में 150 छात्रों को एमबीबीएस में एडमिशन न देने के विरोध में भाजपा जिला अध्यक्ष और नालागढ़ के विधायक केएल ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा ने रैली निकालकर सोलन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। विश्राम गृह से शुरू हुई यह रैली मालरोड से डीसी कार्यालय पहुंची। लेकिन डीसी सोलन जन शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जहां पहुंचकर भाजपाइयों ने खूब हंगामा मचाया। इस दौरान विधायक राजीव सहजल और विधायक गोविंद राम शर्मा समेत कई राज्य, जिला पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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आमना-सामना
भाजपा नेताओं का कहना था कि एमएमयू में 150 छात्रों को एडमिशन न देने का मामला अत्यंत गंभीर है। प्रदेश सरकार इस मामले का समाधान निकालने में अब तक विफल रही है। भाजपा नेताओं की ओर प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए गए। खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश चौहान ने कांग्रेस की ओर से मोर्चा संभालते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस मामले 150 छात्रों के साथ है। अभिभावकों को उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलाया था लेकिन कांग्रेस इस मामले में राजनीति नहीं कर रही है। उधर भाजपा का आरोप है कि इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सरकारी मंच पर नारे लगे हैं।

कसे तंज : विवाद खत्म तब पहुंचे मंत्री
जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक में हंगामे के बाद मंत्री का काफिला पहुंचा। भाजपाई गलियारों में कहीं चर्चा थी कि मंत्री जानबूझ कर लेट आए ताकि उन्हें एमएमयू प्रकरण को लेकर भाजपा और जनता के विरोध का सामना न करना पड़े। वहीं चर्चा रही कि मंत्री का काफिला अधिकांश फंक्शन में लेट ही पहुंचता है। इस बार लेट होना अच्छा साबित हुआ।
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