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Solan News: खरोटा में अवैध रूप से कंपनियों के वेस्ट जलाने से प्रदूषण, लोग परेशान

Fri, 11 Sep 2026 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
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बरोटीवाला क्षेत्र के खरोटा गांव में अवैध रूप से  चल रहे प्लांट निकल रहा दूषित धुआं- स्रोत- ग्रा
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आरोप तीन माह से बिना अनुमित से चल रही यह प्रक्रिया
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स्थानीय लोगों ने सरकार से इसे बंद कराने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। चढ़ियार पंचायत के खरोटा में अवैध रूप से दवाइयों के स्क्रैप और एल्युमिनियम फॉयल जलाए जाने से प्रदूषण फैल रहा है। इससे गुरदासपुर, खरोटा, कुकड़ा पानी और थड़ गांव के लोगों को वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अवैध रूप से चल रहे इस प्लांट को बंद करने की मांग की है।
खरोटा गांव के समीप बाहरी राज्यों के कुछ लोगों ने स्थानीय व्यक्ति से जमीन किराये पर लेकर एक शेड बनाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसमें बद्दी की दवा कंपनियों का वेस्टेज जलाया जा रहा है। प्रतिदिन पांच से छह ट्रैक्टर भरकर स्क्रैप यहां लाया जाता है और उसे जलाया जा रहा है। इससे पूरे क्षेत्र में जहरीला धुआं फैल रहा है। पिछले तीन माह से यह प्रक्रिया जारी है। गांव के लोगों ने पुलिस और 1100 नंबर पर भी शिकायत की है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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पट्टा नाली पंचायत के पूर्व प्रधान प्रेम सिंह ने बताया कि बाहरी राज्यों के कुछ लोगों ने एक व्यक्ति से किराये पर जमीन लेकर अवैध रूप से स्क्रैप का काम शुरू किया है। इस अवैध गतिविधि के तहत फार्मास्युटिकल कंपनियों के दवाइयों के अपशिष्ट और एल्युमिनियम फॉयल को खुलेआम जलाकर एल्युमिनियम अलग किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से निकलने वाले जहरीले धुएं और गैसों के कारण पूरे क्षेत्र में गंभीर प्रदूषण फैल रहा है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि गांव में रहना मुश्किल हो गया है। जहरीले धुएं के कारण बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
स्थानीय निवासी मदन लाल, कांति कुमार, किंगूराम, अशोक कुमार, प्रेम सिंह, गुरबचन सिंह, मनोज कुमार, विक्की, मुकेश कुमार, जितेंद्र, कलाराम, कलीराम और काकू राम ने बताया कि रसायन और एल्युमिनियम जलाने से आसपास की हवा और मिट्टी पूरी तरह प्रदूषित हो रही है। इससे पशुओं और पेड़-पौधों को भी काफी नुकसान पहुंच रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यह कार्य बिना किसी सरकारी अनुमति और सुरक्षा मानकों के संचालित किया जा रहा है।
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कोट
मामला उनके ध्यान में है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से इस प्लांट को सील करने के लिए कहा है। जैसे ही आदेश मिलते हैं, इसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - अभय परमार, अधिशासी अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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