बद्दी (सोलन)। पुलिस अधीक्षक कार्यालय बद्दी में राज्य गुप्तचर अपराध विभाग के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. अतुल फुलझेले की अध्यक्षता में फार्मा उद्योगों में बन रही नशीली दवाओं के अवैध निर्माण, व्यापार और उनके दुरुपयोग को रोकने को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला हुई।
पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से इसका आगाज किया। कार्यशाला में बद्दी, कालाअंब, पांवटा साहिब, सोलन, परवाणू, ऊना और कांगड़ा के फार्मा उद्योगों में बन रही नशीली दवाओं के अवैध निर्माण, व्यापार, दुरुपयोग तथा उसके समाधान के बारे में निर्देश दिए गए। प्रदेश में नशीले फार्मा उत्पादों की समस्या और इसके समाधान पर राज्य गुप्तचर विभाग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जी. शिवा कुमार और राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बैठक में जानकारी दी।
कार्यशाला में निर्णय लिया गया कि पुलिस विभाग और राज्य दवा नियंत्रक विभाग नशीले फार्मा उत्पादों की मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करेंगे। पुलिस और दवा नियंत्रक विभाग में आपसी समन्वय स्थापित कर फार्मा उद्योगों में बन रही नशीली दवाओं के अवैध निर्माण, व्यापार और दुरुपयोग पर अंकुश लगाने, अवैध तस्करों को पकड़ने और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को रोकने पर विचार-विमर्श किया।
नशीली दवाओं के अवैध कारोबारियों की पहचान कर उनकी निगरानी के बाद मादक पदार्थ अधिनियम व औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के अधीन कार्रवाई कर उनकी संपत्ति कुर्क करने पर चर्चा की गई। युवा पीढ़ी को चिट्टा, हेरोइन और सिंथेटिक ड्रग का उपयोग रोकने और युवा पीढ़ी को इसनके दुष्प्रभावों पर जागरूक करने पर चर्चा की गई।
राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह, उप महानिदेशक उत्तरी खंड एनसीबी न्यू दिल्ली, उप निदेशक, जोनल निदेशक चंडीगढ़, दवा नियंत्रण विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों समेत पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी, जिला सिरमौर, जिला ऊना, जिला कांगड़ा, जिला सोलन और पुलिस जिला बद्दी के अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने भाग लिया।