आपको किसी कार्य के लिए प्लंबर, चालक, घरेलू सहायक, चिकित्सा सहायक, इलेक्ट्रिशियन या कारपेंटर की जरूरत है तो बस एक फोन घुमाना होगा। आपकी समस्या सुलझाने के लिए सेवा प्रदाता आपके घर पर होगा। यह संभव होगा राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना से। इसे एक जून को लागू किया जा रहा है। इसके लिए एक काल सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसमें आप संबंधित समस्याओं को रखे सकते हैं। यह केंद्र सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कार्य करेंगे। यह जानकारी मिशन के तहत आयोजित बैठक में एडीएम संदीप नेगी ने दी।
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि अभी तक इसकी दरें निर्धारित नहीं हो सकी हैं। जल्द ही दरें निर्धारित की जाएंगी। इस योजन से आईटीआई होल्डर या संबंधित दक्ष व्यक्ति नगर परिषद के पास सौ रुपये में पंजीकरण करवा सकता है। वहीं बैठक की अध्यक्षता के दौरान अध्यक्ष ने कहा कि सेवाएं प्रदान करने के लिए उचित पारिश्रमिक निर्धारित किया जाना चाहिए तथा सेवा प्रदाताओं की पहचान निर्धारित करने के लिए उनके पहचानपत्र बने होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवाएं प्रदान करने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र सोलन द्वारा एकीकृत प्रबंधन समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति को सेवा उपलब्ध करवाने के लिए काल सेंटर से सूचना भेजी जाएगी।
कई सेवाएं प्रथम जून से मिलेंगी
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी संदीप नेगी ने कहा कि राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत शहर में प्रथम जून से नागरिकों को कुछ चिन्हित सेवाएं उचित मूल्य पर उपलब्ध होनी शुरू हो जाएंगी। शहर के लोगों को दैनिक जीवन में विभिन्न उत्पाद और सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से सोलन शहर आजीविका केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र के माध्यम से शहर के वासियों को टोल फ्री दूरभाष नंबर पर उत्पाद अथवा सेवाएं उपलब्ध होंगी।
28 सेवा प्रदाता जुड़े
एडीएम ने कहा कि इन सेवाओं के मिलने से जहां शहर के लोगों को अपना समय नष्ट नहीं करना पड़ेगा वहीं विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इस मिशन से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदान की जाने वाली सेवाओं में वृद्धि की जाए। वर्तमान में 28 सेवा प्रदाता आजीविका केंद्र के साथ जुड़ चुके हैं। आईटीआई सोलन के प्रधानाचार्य शिवेंद्र डोगर भी इस बैठक में मौजूद रहे।