जेपी कंपनी की तरफ से बागा सीमेंट प्लांट के लिए अतिरिक्त खनन करने के विरोध में लोग लामबंद हो गए हैं।
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जेपी कंपनी की तरफ से बागा सीमेंट प्लांट के लिए अतिरिक्त खनन करने के विरोध में लोग लामबंद हो गए हैं। शुक्रवार को प्रशासन द्वारा रखी जन सुनवाई के विरोध में लोग लामबंद होने लगे हैं।
लोगों का आरोप है कि कंपनी प्रशासन द्वारा रखी जन सुनवाई का अभी तक कोई लाभ नहीं मिला है। मुद्दे जस के तस पड़े हैं।
स्थानीय लोगों में चमन ठाकुर, बबलू, चुन्नीलाल, रमेश और अरविंद सहित मंगल ट्रक आपरेटर संघर्ष समिति के अध्यक्ष अजीत सिंह सैन तथा तरसेम सिंह ठाकुर ने बताया कि कंपनी द्वारा प्लांट स्थापना से पूर्व किए एमओयू की शर्तें अधूरी हैं। इसमें जाबल से शालूघाट और कंदर तक की सड़क को स्तरोन्नत तथा उचित रखरखाव, स्थानीय बच्चों की शिक्षा के लिए अंग्रेजी-हिंदी माध्यम स्कूल की स्थापना और निशुल्क शिक्षा प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा आधुनिक चिकित्सालय एवं स्थानीय युवकों को कारखाने में रोजगार के समस्त वायदों की सरेआम अवहेलना की है।
उन्होंने बताया कि सड़क मार्ग की हालत बद से बदतर है। चिकित्सा सुविधा के नाम पर एक निष्क्रिय डिस्पेंसरी, शिक्षा के नाम पर एकमात्र अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालय में कंपनी द्वारा अपने फायदे के लिए अभिभावकों से भारी भरकम फीस की वसूली कर शोषण किया जा रहा है।
उन्होंने कंपनी पर स्थानीय अर्थव्यवस्था को चौपट करने का भी आरोप लगाते हुए बताया कि कंपनी द्वारा जमकर अवैध और अवैज्ञानिक तरीके से यहां की प्राकृतिक संसाधनों का अपने मुनाफे के लिए दोहन किया जा रहा है। इसलिए वह जन सुनवाई का विरोध करने को मजबूर हैं। दि मांगल आपरेटर संघर्ष समिति मांगल का भी समर्थन मिला है।