कुनिहार में हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ की बैठक में पेंशनराें ने दी चेतावनी
कहा-तीन साल में भी नहीं सुनी सरकार ने एचआरटीसी पेंशनरों की आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के पेंशनरों का सब्र अब जवाब देने लगा है। प्रदेश सरकार के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद अपनी मांगों की अनदेखी से भड़के पेंशनरों ने अब आंदोलन तेज करने का एलान कर दिया है। वीरवार को कुनिहार स्थित पेंशन भवन में हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी इकाई की मासिक बैठक में सरकार के खिलाफ जमकर गुबार निकला। बैठक की अध्यक्षता इकाई अध्यक्ष बलवीर सिंह चौधरी ने की, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल ठाकुर और प्रदेश सचिव रघुनाथ शर्मा विशेष रूप से शामिल हुए। पेंशनरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 28 फरवरी तक उन्हें 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी नहीं किया गया, तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। पेंशन ज्वाइंट एक्शन कमेटी के मीडिया प्रभारी बृजलाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि निगम प्रबंधन और सरकार पेंशन भुगतान में बंदरबांट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला शीतकालीन सत्र के दौरान धरना देने के बावजूद सरकार ने संवाद तक करना उचित नहीं समझा। 9 जनवरी को मुख्यालय घेराव के नोटिस के बाद ही प्रबंधन वार्ता की मेज पर आया, लेकिन नतीजा अभी भी शून्य है। बृजलाल ठाकुर ने कहा, जब प्रदेश के अन्य सभी कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए दिया जा चुका है, तो केवल एचआरटीसी पेंशनरों को इससे वंचित रखना सीधे तौर पर भेदभाव है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह अव्यवस्था वित्त विभाग की नीतियों का परिणाम है या निगम के अकाउंट्स सेक्शन की लापरवाही। इस अवसर पर बृजलाल गर्ग, भवानी शंकर, शेर सिंह, राजेश जोशी, कुलदीप कुमार, संतराम, प्रेम चौधरी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग, जांच की उठाई आवाज
पेंशनरों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की है। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आगामी दिनों में विधानसभा और परिवहन मुख्यालय का घेराव किया जाएगा। पेंशनरों ने चेतावनी दी कि आंदोलन के दौरान पैदा होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए सरकार और निगम प्रबंधन जिम्मेदार होंगे।