खेतों में नमी न होने के कारण लहसुन का बीज खराब होने का भी डर
जिले बीबीएन क्षेत्र में गेहूं और ऊपरी क्षेत्रों मटर की चल रही है बिजाई
करीब 22 हजार हेक्टेयर में होता है गेहूं, डेढ़ माह से नहीं हुई है बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले भर में पिछले डेढ़ माह से चल रहे सूखे के कारण किसान-बागवान परेशान हैं। बारिश न होने के कारण गेहूं और मटर की बिजाई नहीं हो पा रही है। खेतों में नमी न होने के कारण लहसुन भी जमीन से बाहर नहीं निकल पा रहा है। किसान बागवान बारिश होने का इंतजार कर रहे हैं। बारिश न होने से रबी फसलों की बिजाई और बुआई कार्य भी रुका हुआ है। अब बारिश के बाद ही किसान यह सब कार्य कर सकेंगे।
जानकारी के अनुसार गेहूं की अगेती व पिछेती विभिन्न किस्मों का बीज ब्लाॅकों में पहुंच गया है। गेहूं की फसल सोलन जिला की मुख्य रबी फसल है। करीब 25 हजार 400 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की खेती की जाती है, जिसमें से 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की ही फसल बोई जाती है। इसके अलावा जिला के किसान जौ, जई, सरसों, तारामीरा, चना, सब्जियों में मटर, गोभी, प्याज, लहसुन की फसलें भी उगाते हैं।
जिले के मैदानी क्षेत्रों बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ व आसपास के मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की फसल बहुतायत में होती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में किसान अपने उपयोग के लिए ही फसलें उगाते हैं। इसमें सभी किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
उधर, उप निदेशक कृषि विभाग जिला सोलन डॉ. देव राज कश्यप ने बताया कि बारिश न होने के कारण गेहूं, बरसीम, मटर, आलू, प्याज, चना सहित अन्य फसलों की बिजाई कार्य रुक गया है। बारिश के बाद किसान बुआई और बिजाई कार्य कर सकेंगे। मैदानी क्षेत्रों में बिजाई कार्य शुरू हो गया है।