अपने कैडर में पदोन्नती की मांग कर रहे पटवारी एवं कानूनगो संघ ने चेताया कि दूसरे कैडर की घुसपैठ बर्दाश्त नहीं होगी। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार से आश्वासन मिलने के बावजूद ज्वलंत मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही न होने से संघ आहत है। कानूनगो, नायब-तहसीलदार तथा तहसीलदार की विभागीय परीक्षा पास करने के बावजूद भी पटवारी-कानूनगो वर्ग को 28 से 32 वर्ष सेवा करने पर भी शतप्रतिशत पदोन्नति के अवसर देने के लिए सरकार ढुलमुल रवैया अपना रही है। वहीं अन्य वर्गों के दबाव में आकर इस वर्ग से पदोन्नति कोटा अन्य वर्गों को बांटा जा रहा है। 100 फीसदी पदोन्नतियों के अवसर प्राप्त करने के अतिरिक्त 40 फीसदी पदोन्नतियां पटवारी-कानूनगो वर्ग की ले रहे हैं तथा पटवारी-कानूनगो वर्ग को अपने पद वर्ग में केवल मात्र 60 प्रतिशत पदोन्नतियों के अवसर ही मिल रहे हैं। यही कारण है कि पटवार-कानूनगो वर्ग को विभागीय परीक्षा पास करने के बावजूद भी पदोन्नति नहीं मिल पाती। वह एक ही पद से सेवानिवृत्त हो रहे है। संघ के पदाधिकारियों ने कुछ तथाकथित कर्मचारियों संघों की इस मांग को अत्यंत हास्यास्पद बताया, जो इस कैडर में घुसपैठ करके पटवार-कानूनगो वर्ग का जायज हक छीनकर कुठाराघात कर रहे हैं।
पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उन्हें नायब-तहसीलदार या तहसीलदार बनने का इतना ही शौक था तो क्यों नहीं पटवार-कानूनगो वर्ग में प्रवेश किया। अब इस वर्ग के पदोन्नति के अवसरों को कैडर के बाहर होने के बावजूद भी पिछले दरवाजे से हथियाना चाहतें हैं। इस बैठक में जिलाध्यक्ष दलीप सिंह राणा, जिला महासचिव राकेश कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान ध्यान सिंह ढालू, उपप्रधान सर्वश्री लेखराम पाल, रणधीर सिंह, अवतार सिंह, संयुक्त सचिव रमेश चंदेल, संगठन सचिव सर्वश्री हेमचंद शर्मा, आशा राम, राम नरेश, रघुवीर सिंह, बाल किशन, प्रचार सचिव कंवलजीत सिंह, वित्त सचिव सुभाष शर्मा, अंकेक्षक राकेश प्रेमी, प्रेस सचिव रवि कुमार वर्मा, सलाहकार शेर सिंह वर्मा दौलत राम चौधरी, मुख्य सलाहकार धनी सिंह कंवर, राज्य कार्यकारिणी प्रतिनिधि सर्वश्री प्रदीप जस्सल, वीरेंद्र ठाकुर, धर्मपाल चौधरी, जिया लाल ठाकुर, सत्य प्रकाश शर्मा को तथा कार्यालय सचिव श्री हरी राम पंवर और अतिरिक्त सभी तहसील तथा उपतहसील इकाईयों के प्रधान तथा महासचिवों ने भाग लिया।