शिमला आईजीएमसी में
समय पर आईजीएमसी नहीं पहुंच पा रहे लोग ,एचआरटीसी प्रबंधन के खिलाफ भारी रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
रामशहर (नालागढ़) हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से दशकों पुराने रामशहर-शिमला बस रूट को अचानक बंद किए जाने से क्षेत्र की जनता में भारी रोष है। सुबह 5:30 बजे चलने वाली यह बस पिछले कई दिनों से स्टैंड पर नहीं पहुंच रही है, जिसके कारण कड़ाके की ठंड के बीच मरीजों, कर्मचारियों और छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नालागढ़ के नंबरदार राजकुमार ने बताया कि यह रूट पिछले 30-35 वर्षों से निर्बाध रूप से चल रहा था। इस बस का सबसे बड़ा लाभ उन मरीजों को होता है जिन्हें इलाज के लिए शिमला स्थित आईजीएमसी जाना पड़ता है। सुबह 5:30 की बस मरीजों को 10:00 बजे तक शिमला पहुंचा देती थी, जिससे वे समय पर ओपीडी की पर्ची कटवा लेते थे। अब इसके बाद सीधे दोपहर 1:00 बजे की बस है, जिससे शिमला पहुँचने पर पूरा दिन बर्बाद हो जाता है और अस्पताल के काम नहीं हो पाते। इस बस के बंद होने से केवल रामशहर ही नहीं, बल्कि मार्ग में आने वाले कई स्टेशन प्रभावित हुए हैंं। इसमें मतूली, छियाछी, दिग्गल, जाबल, बुड्लग, गंबरपुर, कुमारहट्टी और गुरुकुंड जैसे क्षेत्रों के कॉलेज जाने वाले छात्रों और सरकारी कर्मचारियों की आवाजाही ठप हो गई है। रामशहर बस स्टैंड के दुकानदार आशीष वर्मा ने बताया कि ठंड के मौसम में बुजुर्ग और महिलाएं घंटों बस का इंतजार करते हैं, लेकिन बस नहीं आती। कभी बस रूट पर भेजी जाती है तो कभी गायब रहती है, जिससे लोगों में भारी अनिश्चितता बनी हुई है।
अधिकारियों का तर्क घाटे में चल रहा है रूट
नालागढ़ बस अड्डा इंचार्ज रवि शर्मा ने बताया कि यह बस रूट घाटे में चल रहा है, जिसके चलते इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता की मांग को देखते हुए उच्चाधिकारियों से बात कर इसे दोबारा शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।