शुष्क ठंड से बार-बार बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे लोग
खांसी और गले दर्द के अस्पतालों में अधिक आ रहे मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बारिश न होने से लोग वायरल की चपेट में आ रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय अस्पताल में दो दिनों से ओपीडी बढ़ गई है। सबसे ज्यादा मरीजों की कतारें मेडिसन ओपीडी हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ ओपीडी में भी लाइनें लग रही हैं। खांसी, बुखार और जुकाम होने के बाद मरीज दो सप्ताह बाद संबंधित बीमारियों से दोबारा ग्रसित हो रहा है। बारिश न होने से धूल-मिट्टी भी काफी अधिक हो गई है। इससे खांसी और गले में दर्द के अधिक मामले अस्पतालों में आ रहे हैं। चिंता की बात तो यह है कि लोगों में कोरोना जैसे लक्षण लोगों का आ रहे हैं।
इस मौसम में बड़े ही नहीं बच्चों में बीमारियां बढ़ती जा रही है। शुष्क ठंड के चलते बच्चों में टांसिल और बुखार के मामले आ रहे हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने ठंड से बचाव करने और शरीर को पूरी तरह ढककर बाहर निकलने को कहा है ताकि शुष्क ठंड से बचाव किया जाए सके। बता दें कि शुष्क ठंड और बर्फीली हवाओं का असर सेहत पर पड़ रहा है। बारिश न होने से धूल-मिट्टी अधिक हो गइ है।
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क्या करें उपाय
-गर्म कपड़े पहनें।
-घर से निकलते समय शरीर को अच्छी तरह से ढकें।
-पानी को उबालकर प्रयोग में लाएं।
-गर्म खाद्य वस्तुओं का उपयोग करें।
-सर्दी और जुकाम होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
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बीते दो दिनों से वायरल के मामले बढ़ गए हैं। इस कारण ओपीडी भी बढ़ गई है। शुष्क ठंड होने से काफी लोग इससे ग्रसित हैं। अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। लोगों से आग्रह है कि वह अपना ध्यान रखें और बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।
-डॉ. कमल अटवाल, मेडिसन विशेषज्ञ