नालागढ़ (सोलन)। खरूणी स्थित एक निजी स्कूल के मनमानी फीस वसूली के खिलाफ अभिभावक लामबंद हो गए हैं। इस समस्या को लेकर जल्द ही अभिभावक एसडीएम से मिलेंगे। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें स्पष्ट किया है कि अगर वे फीस जमा नहीं कराते हैं तो उनके बच्चों को स्कूल से हटा दिया जाएगा।
बीडीसी सदस्य सुरेंद्र सैणी, पंचायत प्रधान नामदेव, उपप्रधान ज्ञान सिंह, मनमोहन सिंह, पूर्व उपप्रधान रघुबीर सिंह, नच्छतर सिंह, वीरेंद्र सिंह, बलविंद्र और जोगिंद्र सिंह ने बताया कि पिछले डेढ़ साल से कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद है लेकिन स्कूल प्रबंधकों ने अभिभावकों से बिल्डिंग फंड, एडमिशन फीस, वार्षिक फीस, ट्यूशन फीस और कंप्यूटर फीस वसूली जा रही है। छोटी कक्षा के अभिभावकों से बीस हजार से 50 हजार तक बिल बनाए हैं। अभिभावकों को स्कूल से नोटिस भेजा है कि अपने बच्चों की फीस जमा कराएं अन्यथा बच्चों को स्कूल से हटा दिया जाएगा।
स्कूल बंद तो कंप्यूटर फीस किस बात की : अभिभावक
पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि स्कूल की मनमानी के खिलाफ अभिभावक लामबंद हो गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि जो जायज फीस बनती है, ली जाए जिसे देने को वे भी तैयार हैं। जब छोटे बच्चे स्कूल गए ही नहीं तो कंप्यूटर फीस किस बात की है। सरकार ने ट्यूशन फीस को छोड़ कोई अन्य फीस नहीं के निर्देश दिए हैं लेकिन लगातार अभिभावकों पर दबाव बनाया जा रहा है। अभिभावक जल्द ही इस समस्या को लेकर एसडीएम नालागढ़ से मिलेंगे।
बच्चों की ऑनलाइन हो रही पढ़ाई
स्कूल के एमडी अगनदीप चौहान ने कहा कि अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चों को स्कूल प्रबंधन मुफ्त में पढ़ाए तो ऐसा संभव नहीं है। वह ट्यूशन फीस, परीक्षा फीस और ऑनलाइन फीस ले रहे हैं। सरकार ने उनकी बसों का टैक्स माफ नहीं किया है लेकिन वह अभिभावकों से इसे नहीं ले रहे हैं।