धर्मपुर ग्राम पंचायत की बैठक के दौरान आपसी मतभेद खूब उछले। ग्रामीणों ने पंचायती राज विभाग के पंचायत सचिव पर संगीन आरोप लगाते हुए खूब हो हल्ला किया। वहीं पंचायत प्रतिनिधियों पर भी सवाल दागे। इस दौरान तनातनी के माहौल के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। इसकी सूचना पुलिस तक पहुंची।
पंचायती राज विभाग के प्रतिनिधि और पंचायत के प्रतिनिधियों के बीच पुलिस ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। वहीं बैठक भी स्थगित हो गई है। उधर मामले की शिकायत ग्रामीणों ने बीडीओ धर्मपुर से की है। बीडीओ के मुताबिक ग्रामीणों की शिकायत निदेशक ग्रामीण विकास विभाग को भेजी जा चुकी है।
ग्रामीणों में अजय गर्चा, सुलेश बंसल, नरेश गुप्ता, अरविंद, अजय, दलवीर, मनीष, चंदन, कुलदीप, महेंद्र शर्मा, रत्न राम, प्यारे चंद, हेमलता, नंद लाल, मोहन लाल, चरण सिंह, पूनम, कमला देवी, कलावती, नेहा, सावित्री, भावना, मंजू आदि का कहना है
कि विभाग के प्रतिनिधि ग्रामीणों की समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं। वहीं जो ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित किए जा रहे हैं, उनसे भी वह सहमत नहीं है। कुछ का आरोप है कि पिछली ग्राम सभा में पंचायती राज विभाग के सचिव ने जिन विषयों की चर्चा नहीं हुई है, वह मामले डाल दिए और चर्चा से पहले ही हस्ताक्षर ले लिए। ग्राम पंचायत में विकास कार्य ठप हो गए हैं।
पानी के लिए लोगों को जूझना पड़ रहा है। सफाई कर देने के बावजूद सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। उधर विभाग के अलावा पंचायत के प्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता पंचायत प्रधान ओम प्रकाश पंवर ने की। पंचायत उपप्रधान सुशील शर्मा, वार्ड सदस्य डौली, हेमलता, मिनाक्षी, बीना, नीशा, सुमित्रा, सुखदेव, विनय, आलोक, बीडीसी सदस्य दिक्षा भी इस दौरान मौजूद रहे।
बीडीओ धर्मपुर मयंक नेगी ने बताया कि धर्मपुर पंचायत के सचिव के खिलाफ शिकायत पत्र मिला है। शिकायत पत्र को निदेशक पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग को कार्रवाई के लिए भेज दिया है। उधर, पंचायत सचिव कुमारी अनिता ने किसी भी टिप्पणी से इन्कार कर दिया।