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ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार, मालरोड पर चलता है ये सब

Tue, 20 Sep 2016 09:58 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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सोलन शहर के मालरोड पर हो रही अोवर लो‌ड‌िंग। - फोटो : अमर उजाला
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शहर की बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था और यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों को सबक सिखाने का जिम्मा यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के कंधों पर है। इसके अलावा विशेष नियुक्तियां भी हुई हैं। लेकिन अफसोस जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आता। इसे अफसरशाही और ड्यूटी निभाने वालों की ढील कहें या कुछ और मालरोड पर ही यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों की कमी नहीं। स्कूटी, बाइक, स्कूल वैन हो आटो या बसें, इन्हें चलाने वालों को नियमों कि परवाह तक नहीं। जहां मन किया वहां नियम तोड़ रहे हैं।
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सोलन शहर के मालरोड और सर्कुलर रोड में ओवरलोडिंग का जंगलराज है। खासकर स्कूली बच्चों के लिए लगे वाहनों में यह नजारा आम है। सख्ती के बावजूद ऑटो रिक्शा संचालक जमकर नियमों को तोड़ रहे हैं। वहीं मालरोड पर ही बिना हेलमेट के सवारी होती है। ऐसे में आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था भगवान आसरे है। पुलिस और परिवहन विभाग को चुनौती देते हुए नियमों की धज्जियां सरेराह उड़ाई जा रही हैं। लेकिन इन्हें रोकने वाला कोई नहीं। हालांकि बीच-बीच में पुलिस धड़ाधड़ चालान ठोककर सख्ती भी दिखाती है लेकिन बाद में सख्ती पर इतिश्री लग जाती है। दिनोंदिन सड़क हादसों के बाद न तो सरकारी विभागों की चाल सुस्त हो रही है न ही लोग जागरूक हो रहे हैं। जहां ऑटो और वैन चालक ओवरलोडिंग कर रहे हैं। युवक और युवतियां जान में जोखिम डालकर बिना हेलमेट तेज रफ्तारी से दोपहिया वाहन चला रहे हैं। मालरोड के दुकानदारों का कहना है कि मालरोड पर दुकानों के सामने गाड़ियां खड़ी कर देते हैं। आधा घंटा बीत जाने के बाद भी गाड़ियां नहीं हटाते। इससे जहां जाम लगता है। दुकान के सामने ग्राहकों को आने-जाने में परेशानी होती है।

यहीं बैठता है सरकारी अमला
जिला प्रशासन के अलावा पुलिस के बड़े अधिकारी मालरोड पर ही बैठते हैं। रोजाना उनका आना जाना यहां से होता है। इसके बावजूद इस तरह की कोताही सरकारी तंत्र पर सवाल खड़े कर रही है। हालांकि शहर में पुलिस विभाग ने मालरोड पर ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए इन दिनों महिला पुलिस कर्मचारियों को भी तैनात कर रखा है। लेकिन यह पुलिस कर्मचारी कर्मचारी ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में नाकामयाब साबित हो रहे हैं। मालरोड पर सुबह से लेकर शाम तक गाड़ी चालक हर कहीं गाड़ियां पार्क कर रहे हैं। बिना हेलमेट से दोपिहया वाहन चालक सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है।
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लाइव
समय 2.20 बजे बस स्टैंड से लकर स्टेट लाइब्रेरी तक ऑटो में स्कूली बच्चों को इस कदर ठूंसा गया कि  मानो आज के बाद कभी सवारियां ही नहीं मिलेंगी। यहां तक की चालक की अगली सीट पर भी स्कूली बच्चों को बैठकर उनकी जान को जाखिम में डाला जा रहा है।
समय 2.30 बजे माल रोड पर डीसी चौक के आगे बिना हेलमेट बाइक या स्कूटी चलाने वालों की संख्या काफी है। पुलिस की मौजूदगी को धता बताते हुए कुछ दोपहिया वाहन चालकों के सिर पर हेलमेट नहीं। न इन्हें रोकने वाला कोई दिखा और न ही टोकने वाला।
समय 2.40 बजे मुरारी मार्केट से लेकर पुलिस चौकी तक स्कूली बच्चों को ढोने में लगी वैनों ने तो हद ही कर दी। संचालक बच्चों को इस कदर ठूंस-ठूंस कर भर रहे हैं कि मानों उन्हें नियमों की परवाह ही नहीं। यही नहीं स्कूल से अवकाश के बाद स्कूल प्रबंधन भी ओवरलोडिंग की गारंटी लेने को तैयार नहीं।

चालान तो काटते हैं : एएसपी
एएसपी मनमोहन शर्मा ने कहा कि पुलिस समय-समय पर चालान काटती रहती है। यातायात नियमों की अवहेलना पर सख्ती से निपटा जाता है। तो दूसरी तरफ आरटीओ सोलन एमएल मेहता ने कहा कि समय-समय पर जितना होता है चालान काटकर हिदायत दी जाती रहती है।
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