गर्मियों में कोक, पैप्सी, मिरिंडा, थम्सअप, माजा और स्लाइस जैसे ठंडे पेय पदार्थों के शहर में अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। गर्मियों में यह ओवर चार्जिंग पेय पदार्थों को ठंडा करने के नाम पर हो रही है। अधिक गर्मी वाले क्षेत्रों में ऐसे मामले सबसे अधिक हैं। यही नहीं कारोबारी बाजार में दूध, पनीर और दही के प्रोड्क्टस पर भी खूब ओवरचार्जिंग कर रहे हैं।
हैरत की बात है कि कई प्रोड्क्ट तो अंडरवेट बिना लेबल के हैं। ग्राहकों की शिकायत पर सोलन मंडल में औसतन रोजाना एक से
दो कारोबारी इस तरह के फर्जीवाड़े में पकड़े भी जाते हैं। यह खुलासा विधिक माप विज्ञान तोल एवं माप विभाग की 2015-16 की वित्तीय रिपोर्ट में हुआ है।
अधिक पैसे लें तो यहां करें फोन
कहीं ओवर चार्जिंग हो रही है या डेली नीड की दुकान पर सामान तोलने वाले यंत्र में गड़बड़झाला हो रहा है। अथवा बिना कंपनी के नाम, वेट और पैकिंग में फर्जी लग रही है तो बस आप एक 98164-13448 पर फोन घुमाइये आपकी शिकायत पर कार्रवाई होगी। आपका नाम भी गुप्त रखा जाएगा। खाद्य आपूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग के अलावा विधिक माप विज्ञान तोल एवं माप विभाग के पास कार्रवाई की तमाम शक्तियां हैं। विभाग के मुताबिक शिकायतों में इजाफा होता है तो कार्रवाई होगी और ऐसा करने वाले कारोबारी सचेत होंगे।
पौने दो करोड़ जुर्माना
विभाग ने वित्त वर्ष में 372 से अधिक चालान काटते हुए कारोबारियों से पौने दो करोड़ का जुर्माना वसूला है। इसमें ओवर चार्जिंग, गलत या अधूरी लैबलिंग, अंडरवेट के अलावा माप यंत्र भी शामिल हैं। जो या तो कम तोलते हैं या बिना मुहर तथा सर्टीफिकेशन के हैं। यही नहीं जहां यात्रियों की बसें रुकती हैं वहां सबसे अधिक ओवर चार्जिंग की जा रही हैष
पैक्ड आटा, चावल में भी मामले
कई कंपनियों के पैक्ड आटा और पैक्ड चावल में भी ओवरचार्जिंग के मामले सामने आ चुके हैं। दावा है कि इन पैकेटों में तय से अधिक मुनाफा कारोबारी बटोर रहे हैं। मुनाफे की प्रतिशतता (परसेंटेज ऑफ प्रोफिट) को काफी बढ़ाकर लिया जा रहा है। कइयों के एमआरपी पहले से ही काफी अधिक छाप रखे हैं।
शिकायतों पर होगी कार्रवाई
विधिक माप विज्ञान तोल एवं माप विभाग के सह नियंत्रक प्रेमलाल चंदेल ने इस रिपोर्ट की पुष्टि की है। कहा कि गर्मियों में पेय पदार्थों की ओवर चार्जिंग के काफी मामले सामने आए हैं। उपभोक्ता अगर शिकायत करते हैं तो कार्रवाई जरूर होगी। पिछले वित्त वर्ष पौने दो करोड़ के चालान किए गए हैं।