सोलन/धर्मपुर। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर भूस्खलन होने के चलते करीब साढ़े दस घंटे तक पूरी तरह से ठप रहा। दूसरी ओर वैकल्पिक सड़कों के बंद होने से भी आवाजाही बंद रही। इस कारण अपर हिमाचल पूरी तरह से सुबह 4:00 बजे अन्य राज्यों से कट गया। हाईवे बंद होने से बसें, ट्रक, पिकअप और कारें हाईवे पर फंसे रहे। इसके चलते हाईवे पर लंबा जाम लगा रहा। वहीं चंडीगढ़ की ओर जा रहे राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और सीपीएस संजय अवस्थी भी सुबह 40 मिनट तक जाम में फंसे रहे। हालांकि कंपनी की ओर से थोड़ा मलबा हटाकर इन्हें गंतव्य तक रवाना किया गया।
बारिश के बीच सबसे पहले चक्कीमोड़ में फिर से पहाड़ी दरकी। इस कारण वाहन चालकों के लिए हाईवे फिर आफत बन गया है। इसके बाद सलोगड़ा और ब्रुरी में पत्थर, मलबा और पेड़ सड़क पर आ गिरे। मंगलवार देर रात से हो रही बारिश के बीच हाईवे पर परवाणू से कैथलीघाट तक पहाड़ी से अधिक मात्र में भूस्खलन हुआ। गनीमत यह रही कि जिस दौरान मलबा और पत्थर आना शुरू हुए उस दौरान कोई भी वाहन सड़क से नहीं गुजर रहा था। फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की ओर से तुरंत सड़क को सुचारू करने के लिए जेसीबी लगाई गई।
इसके बाद करीब 11:30 बजे चक्कीमोड़ में एकतरफा वाहनों को चलाया गया। जैसे ही यह सड़क खुली वैसे ही सोलन के सलोगड़ा में भूस्खलन हो गया। यहां पर बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे। यहां पर भी फोरलेन निर्माण कर रही कंपनी की ओर से पत्थरों को हटाने के लिए मशीनरी लगाई। लेकिन जैसे ही पत्थरों को हटाया जा रहा था वैसे ही दूसरी तरफ पत्थर और मलबा खतरा बनकर गिर रहे थे। ऐसे में यहां पर भी लोग फंस गए।
चक्कीमोड़ में फंसा ट्रैफिक छह घंटे बाद यहां से निकला और सलोगड़ा शिव मंदिर के पास आकर फंस गया। इसे सुचारू करने का प्रयास किया ही जा रहा था कि ब्रुरी के पास भी पेड़ और मलबा सड़क पर आ गिरा। पेड़ों ने सड़क किनारे लगे बिजली के तारों और खंभों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद यह दोनों जगहों पर से 2:45 पर मलबा हटाकर एकतरफा आवाजाही को चलाया गया। लेकिन सुबह सड़क के बंद होने के कारण चक्कीमोड़ से धर्मपुर और परवाणू की ओर चार से पांच किलोमीटर तक कतारें लगी रहीं। इससे भूखे प्यासे रहकर सड़क खुलने का इंतजार करते रहे। यहां से निकले वाहन सलोगड़ा-ब्रुरी के बीच फंसे रहे और गंतव्य तक पहुंचने के लिए मशक्कत करते रहे। इससे पहले 1 अगस्त के बाद कई बार हाईवे बंद हो चुका है।
सोलन से परवाणू तक सड़क धंसने की कगार पर
कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर सोलन से परवाणू तक सड़क कई जगह धंसने की कगार पर है। ऐसे में यहां पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। इसके अलावा जिन जगहों में सड़क धंस रही है वहां पर ट्रैफिक दूसरी लेन यानी पहाड़ी वाली साइड डायवर्ट किया गया है। लेकिन बारिश के बाद यहां पर भी मलबा आ गया है ऐसे में यातायात को सुचारू चलाना चुनौती बनता जा रहा है।
यहां अभी भी सिंगल लेन ट्रैफिक
हाईवे पर सनवारा में पेट्रोल पंप के नजदीक कसौली रोड से आए मलबे के पास, कोस्मो कंपनी जाबली, चक्कीमोड़ और तंबूमोड़, ट्रक ले-बाय से सौ मीटर आगे क्षतिग्रस्त के अलावा सीआरपीएफ गेट से दोसड़का, पट्टामोड़ में एकतरफा ट्रैफिक चला हुआ है।
वैकल्पिक सड़कें भी रहीं बंद
हाईवे बंद होने के बाद धर्मपुर-कसौली-जंगेशू-परवाणू समेत अन्य मुख्य वैकल्पिक सड़कें भूस्खलन के कारण ठप रही। इससे रहा यातायात हाईवे पर ही रोका गया। सनवारा टोल गेट से निचली ओर वाहनों को नहीं जाने दिया। हाईवे पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई।
कालका-शिमला हाईवे पर सलोगरा के समीप लगा जाम। संवाद