दुर्गा माता मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के भजन पर झूमते श्रोतागण। संवाद
गुल्लरवाल में चल रही भागवत कथा का पांचवां दिन
बद्दी (सोलन)। मां दुर्गा माता मंदिर परिसर गुल्लरवाला में श्रीमद्भागवत कथा में रविवार को भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया गया। कथावाचक आचार्य हरबंस लाल शास्त्री ने श्रीकृष्ण से संबंधित अनेकों प्रसंग सुनाए और शिक्षा दी। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि छोटी अवस्था में भगवान का मारने के लिए राक्षस आते रहे। परंतु भगवान ने उन सभी राक्षसों का उद्धार किया। पूतना जैसी राक्षसी भगवान को मारने के लिए आई भगवान ने उसको भी अपनी मां जैसी गति प्रदान की।
भगवान कितने दयालु हैं कि जो उनको मारने के लिए आता है उनको परम गति प्रदान करते हैं। जब प्राणी भगवान की शरण ग्रहण कर लेता है तो उसे जीवन में सब सुलभ होता है। इससे पूर्व आचार्य ने बालक ध्रुव की अटूट भक्ति का वर्णन किया। आचार्य ने गया में पिंडदान का महत्व भी बताया। इस मौके पर भाग सिंह चौधरी, बाजिंदर सिंह, गुरमैल चौधरी, रोशन लाल, परमजीत सिंह, ज्ञान चंद, सीता राम चौधरी, प्रकाश चंद, बहादुर सिंह, सूरत राम, गुरनाम सिंह, पम्मी राम, सुरेंद्र सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।