शहर के आसपास हैं कई भवन, बीबीएन के डिफाल्टर भी हैं शामिल
एक ही फर्म के दो बड़े मामले, करीब 6 करोड़ रुपये से अधिक के लोन
अदालत ने दिए थे इन डिफाल्टरों की संपत्तियों को नीलाम करने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सहायक पंजीयक की अदालत के आदेशों के बाद बघाट बैंक ने डिफाल्टरों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 12 दिसंबर को बैंक प्रबंधक लोन डिफाल्टरों की संपत्तियों को नीलाम करेगा। इनमें शहर के 13 बड़े डिफाल्टर शामिल हैं, जिन पर एक करोड़ के आसपास बैंक की देनदारी है। खास बात यह है कि इसमें कई बड़े भवन भी शामिल हैं, जिन्हें बैंक ने पहले ही कब्जे में ले लिया है और अब उन भवनों को नीलाम करके रिकवरी करेगा। इसमें एक ही फर्म की दो-दो जगह पर संपत्तियां भी हैं, जिनकी नीलामी होगी।
12 दिसंबर को सबसे ज्यादा जो लेनदारी है, उसमें सोलन में नई बस अड्डे के समीप एक चार मंजिला भवन है। डिफाल्टर ने लोन लिया था और किस्तें नहीं भरीं। अब देनदारी करीब 4.63 करोड़ रुपये पहुंच गई है। अब यह भवन नीलाम किया जाएगा। इसी फर्म का एक और लोन है, जिसकी देनदारी 1.76 करोड़ रुपये हो गई है। इसमें भी जमीन की नीलामी होगी। वहीं सलोगड़ा की एक फर्म के भी दो लोन की देनदारी करीब 1.30 करोड़ है, जिसकी एक 4.17 बीघा और 1.14 बीघा जमीन को भी कुर्क की जाएगी। इसी तरह कोटलानाला में भी एक डिफाल्टर के भवन को नीलाम किया जाएगा। बद्दी व नालागढ़ में भी कई डिफाल्टरों की संपत्तियों की भी नीलामी होगी। 12 दिसंबर को यह संपत्तियां नीलाम होंगी। बैंक प्रबंधकों की टीम ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। अगर इसमें सब कुछ सही रहा तो बैंक को इससे काफी राहत मिलेगी क्योंकि काफी सालों से इन डिफाल्टरों के पास लेनदारियां फंसी हैं और बैंक प्रबंधन कार्रवाई तक नहीं कर पा रहा था।
उधर, बैंक के प्रबंध निदेशक राजकुमार कश्यप ने कहा कि 12 दिसंबर को 13 बड़े डिफाल्टरों की संपत्तियां नीलामी की जाएंगी। यदि यह संपत्तियां बिक जाती हैं तो इनसे बैंक को राहत मिलेगी। इसमें सोलन शहर में कुछ भवनों के अलावा जमीनें भी शामिल हैं।