शहर में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन मुहिम नए सिरे से शुरू होगी। प्रत्येक घर या संस्थान के लिए योजना की अनिवार्यता सुनिश्चित बनाने के लिए नगर परिषद पानी के मासिक बिल में डोर टू डोर का शुल्क (प्रतिमाह) वसूलने का दाव खेलने वाला है।
यह दांव योजना को शहर करने के लिए खेला जा रहा है। वर्तमान में डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन के जरिये शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की नगर परिषद की मुहिम ही वार्डों में गंदगी का कारण बनने लगी है। सात वार्डों में तैनात सभी सफाई कर्मचारियों ने डोर टू डोर के अलावा अन्य वार्डों की सफाई करने से हाथ खड़े कर लिए हैं।
नतीजतन शहर के अधिकांश वार्डों में झाडू़ मारने वाला कोई नहीं। शहर में गंदगी बढ़ने लगी है। अब अपनी नाक बचाने के लिए नगर परिषद यह योजना बंद करके इसे दोबारा लॉंच करने का खाका खींच रही है।
इसमें महज 5 वार्डों का जिम्मा अपने हाथों में लेकर 10 वार्डों को आउटसोर्स करने की बात कही जा रही है। योजना को नए सिरे से लागू करके प्रत्येक हाउस होल्डर्स के लिए अनिवार्य बनाकर डोर टू डोर का बिल पानी के बिल के साथ देने पर भी जल्द फैसला लिया जा सकता है। इससे पहले शहर को साफ और स्वच्छ रखने के लिए डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन की व्यवस्था का जिम्मा स्वयं सहायता समूहों (महिलाओं) को सौंपा गया।
यहां बिगड़ा काम
चार माह पहले डोर टू डोर योजना को सफल बनाने की मंशा से नगर परिषद ने सात वार्डों में संचालन का जिम्मा संभाला। तर्क दिया है कि नप इस योजना को चलाकर मिसाल बनेगा और बाद में सभी वार्डों में यह योजना लागू होगी। सफलता हासिल करने की कोशिश में नप ने अधिकांश 68 सफाई कर्मचारियों की सात वार्डों में डोर टू डोर के लिए तैनाती दे दी। काम काफी बढ़ गया और अन्य वार्डों की सफाई के लिए ही कर्मचारियों को समय नहीं बचा और विरोध के स्वर मुखर हो गए। इससे पहले भी इन कर्मचारियों ने अतिरिक्त सफाई कर्मियों की मांग के चलते सफाई का काम ठप कर दिया। इसके बाद नप ईओ के समझाने पर वह काम पर वापस आए। अब नगर परिषद वार्डों में गंदगी का आलम देखते हुए यह योजना फिलहाल बंद करने की सोच रही है।
अभी यह वार्ड नप के पास
वर्तमान में नगर परिषद ने शहर के वार्ड नंबर 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और 15 के घरों, सरकारी और निजी कार्यालयों, स्कूलों, कालेजों, रेस्तरां, किरयाना तथा वेजिटेबल शॉप आदि से कूड़ा उठाने का कार्य अपने हाथों में लिया है। इसका तर्क नप ने यह दिया कि यह सभी वार्ड शहर के अधिक आबादी वाले और व्यावसायिक गतिविधियों की दृष्टि से व्यस्त वार्ड हैं। वार्ड 1, 2, 3, 4, 13 और 14 से कूड़ा उठाने का जिम्मा निजी ठेकेदारों को सौंपा गया जहां नगर परिषद पूरी तरह से चूक गया है।
एक वार्ड के लिए दस
कर्मचारी जरूरी : प्रधान
नगर परिषद कर्मचारी यूनियन के प्रधान योगेश मेहता ने बताया कि अगर शहर के सभी वार्डों में सफाई व्यवस्था को सही तरह से चलाना है तो एक वार्ड में कम से कम दस सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति जरूरी है। वहीं वर्तमान में केवल 6 कर्मचारी ही एक वार्ड की सफाई के साथ घरों से कचरा उठाने का काम कर रहे हैं। इससे उन्हें भी परेशानी हो रही है। शहर की जनसंख्या जिस अनुपात से बढ़ रही है, उसे देखते हुए नप के 68 सफाई कर्मचारी सोलन के विभिन्न वार्डों को साफ करने के लिए नाकाफी हैं।
फिर से शुरू होगी यह योजना : अध्यक्ष
नगर परिषद अध्यक्ष पवन ठाकुर ने बताया कि जल्द ही नप डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन योजना में कुछ बदलाव कर इसे फिर से शुरू किया जाएगा। इस बार नप केवल 5 वार्ड की सफाई का कार्य संभालेगा। इससे नप के सफाई कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्य भार न पड़े। इसके साथ ही बाकी बचे 10 वार्डों की सफाई कार्य निजी ठेकेदारों को दिया जाएगा। इसके लिए जल्द टेंडर निकाले जाएंगे। कहा कि पहली अप्रैल से योजना को लागू किया जा रहा है। कहा कि कुछ समय बाद डोर टू डोर कूड़ा उठाने का बिल पानी के बिल में जोड़कर देने पर विचार किया जा रहा है।
यह हैं दरें
कैटेगिरी प्रतिमाह
घरेलू 050
पान शाप 200
करियाना 070
वैजिटेबल शॉप 200
सरकारी कार्यालय 2 कमरों वाले 80
03-05 160
06-10 300
11-20 600
बैंक 500
सरकारी स्कूल 200
प्राइवेट स्कूल 300
बेकरी 500
होटल
0-10 कमरे 600
11-20 800
21-30 1000
30 से अधिक 1200
फैक्ट्री 1500
वर्कशॉप 0400
वैंक्वेट हाल (प्रति ट्रिप) 800
निजी कॉलेज, होस्टल 1000
पीजी
05-10 कमरे 100
11-20 200
21-अधिक 300
शॉपिंग मॉल 2000