तमाम कोशिशों के बावजूद जिला सोलन के छह खंडों में 22 हजार 118 विद्यार्थियों के आधार कार्ड नहीं बन सके हैं। हालांकि कार्ड बनाने का कार्य अंतिम चरण पर है। जिला में 82 हजार 418 छात्रों के आधार कार्ड बनने हैं। इसमें 60 हजार 300 छात्रों को आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने 30 जून 2017 तक मध्याह्न भोजन योजना तथा एकीकृत बाल विकास योजनाओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिए हैं।
एडीएम संदीप नेगी ने जिले के सभी विद्यालयों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 31 मार्च तक 5 वर्ष से 18 वर्ष के सभी बच्चों और छात्रों के आधार कार्ड नामांकन तथा आनलाइन पंजीकरण के कार्य को पूरा करें। वह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा आधार पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के संजीव नागपाल, कुलभूषण गोयल, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक यादविंद्र पाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी अर्जुन नेगी, विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधि एवं खंड संसाधन समन्वयक मौजूद रहे।
94.32 प्रतिशत आधार कार्ड बने
कार्यशाला में जानकारी दी कि जिले में अभी तक 94.32 प्रतिशत आधार कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभी तक 5,72,157 लोगों के आधार कार्ड बनाए हैं। पांच से 18 वर्ष आयु वर्ग में सोलन जिले में 1,20,024 आधार कार्ड बनाए हैं। इस श्रेणी में जिले में 78 प्रतिशत आधारकार्ड बने हैं। वर्ष 2016-17 के अनुसार जिले में कुल 1,52,057 छात्रों के आधारकार्ड डाटा का डिजिटीकरण किया जा चुका है जबकि 92 हजार 870 आधार कार्ड को आनलाइन फीड किया जा चुका है। पहली मार्च 2017 को शिमला में आधार पंजीकरण के लिए मास्टर प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा किया जा चुका है। जिला से 44 अध्यापकों को प्रशिक्षण के लिए चिन्हित किया है।
27 केंद्र कर रहे हैं कार्य
सोलन जिले में आधार कार्ड बनाने के लिए 27 केंद्र कार्य कर रहे हैं। इनमें दो मोबाइल आधार पंजीकरण केंद्र भी हैं। उन्होंने खंड संसाधन समन्वयक एवं खंड शिक्षा अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इस कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करें ताकि छात्र विभिन्न योजनाओं के लाभ समय पर प्राप्त कर सकें।