सीटीएल कंडाघाट जांच के लिए भेजा था सैंपल
झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग रोज भरते हैं पानी
जिला प्रशासन ने करवाया बंद, लगवाया सूचना पट्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/परवाणू। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में कसौली सड़क पर प्राकृतिक स्रोत का सैंपल फेल हो गया है। इस सैंपल की जांच भी सीटीएल कंडाघाट में की गई। प्रयोगशाला में जांच के दौरान कॉलिफार्म बैक्टीरिया पाया गया है। इससे पहले भी पांच सैंपल अलग-अलग क्षेत्रों के फेल हो चुके हैं। जिनमें भी बैक्टीरिया पाया गया था। लेकिन अब प्राकृतिक स्रोत के सैंपल फेल होने के बाद जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। प्रशासन की ओर से हिमुडा को प्राकृतिक स्रोत को जाली से बंद करने के आदेश दे दिए हैं।
वहीं सैंपल फेल होने की जानकारी सूचना पट्ट के माध्यम से भी दी गई है। काली मिट्टी स्थित प्राकृतिक स्रोत से आसपास स्लम क्षेत्र के लोग रोजाना पानी भरते थे। लेकिन अब इन्हें स्रोत का पानी न प्रयोग करने के लिए कहा है। हैरत की बात तो यह है कि इस पानी में भी कहीं न कहीं प्वाइंट पर मिलावट हो रही है। इसे भी देखना टीम के लिए चुनौती बन है। गौर रहे कि परवाणू शहर में दो सप्ताह से लगातार डायरिया के मामले आ रहे हैं। अब तक यहां पर 550 के करीब मरीज आ चुके हैं, जिसमें ईएसआई अस्पताल में ही करीब 500 से अधिक मरीज पहुंच चुके हैं।
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क्या है कॉलिफार्म बैक्टीरिया
कॉलिफोर्म बैक्टीरिया एक जीवाणु होता है। यह जीवाणु प्रदूषित जल में पाया जाता है। प्रदूषित जल मनुष्य द्वारा पीने पर यह उसकी आंत में रहने लगता है। इससे अनेक प्रकार की बीमारियां पैदा होती है। बैक्टीरिया युक्त पानी के सेवन से दांत, हड्डियों, पेट, पाचन तंत्र, चमड़ी रोग, कैंसर, डायरिया और अन्य कई प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
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परवाणू शहर समेत आसपास के क्षेत्रों से लगातार सैंपल भरे जा रहे हैं। काली मिट्टी के प्राकृतिक स्रोत से हाल ही में सैंपल भरा गया था। जो फेल हुआ है। हिमुडा को आदेश दिए हैं कि स्रोत को जाली से बंद कर दें ताकि कोई पानी न भरे और सूचना पट्टा लगाकर लोगों को स्रोत बंद करने का कारण भी बता दें ताकि डायरिया मामलों को जल्द रोका जा सके।
-अजय कुमार यादव
अतिरिक्त उपायुक्त, सोलन