सड़क संकरी होने के कारण बदली गई प्रोजेक्ट की जगह, हेलीपोर्ट बनने से सोलन में पर्यटन कारोबार को लगेंगे पंख
प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने का कार्य शुरू भी किया शुरू
देश, विदेश से आने वाले पर्यटकों को मिलेगी हवाई सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिला मुख्यालय सोलन के गलानग की पहाड़ी पर बनने वाला हेलीपोर्ट अब बसाल हेलीपैड पर बनाया जाएगा। गलानग को जाने वाली सड़क संकरी होने के कारण इस प्रोजेक्ट को बदला गया है। यहां मौजूदा हेलीपैड को हेलीपोर्ट में तबदील करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार बसाल में पहले से हेलीपैड है। जहां अब तक एक हेलीकाॅप्टर लैंडिंग की सुविधा है। हेलीपैड को हेलीपोर्ट में तब्दील करने के लिए साथ लगती जिला प्रशासन की अतिरिक्त भूमि टूरिज्म डिपार्टमेंट को ट्रांसफर कर दी है ताकि यहां हेलीपोर्ट बनने पर तीन से चार हेलीकाॅप्टर लैंड और पार्क हो सके। इससे सोलन मुख्यालय सहित आसपास के हिल स्टेशन चायल, कसौली, डगशाई में भी पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है बसाल तक सड़क की भी बेहतरीन सुविधा है। इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए सरकार का यह बेहतरीन कदम साबित होगा। जिला पर्यटन अधिकारी पदमा ने बताया कि बसाल में हेलीपोर्ट बनाने की प्रक्रिया चल रही है। यहां मौजूदा हेलीपैड को डेवलप कर हेलीपोर्ट बनाया जाएगा। भूमि से संबंधित कुछ औपचारिकताएं शेष है। जिस पर काम चल रहा है। गलानग में रोड कनेक्टविटी बाधा बन रही थी। वाया जटोली हेलीपोर्ट की दूरी भी ज्यादा हो रही थी, जिस कारण प्रोजेक्ट बसाल शिफ्ट कर दिया गया।