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जिला में अब महंगा मिलेगा रसोई गैस सिलेंडर

Thu, 02 Mar 2017 12:14 PM IST
ब्यूरो, सोलन
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जिला के सवा लाख गैस उपभोक्ताओं को इस माह घरेलू और व्यवसायिक रसोई गैस सिलेंडर के लिए जेब अधिक ढीली करनी होगी। - फोटो : अमर उजाला
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जिला के सवा लाख गैस उपभोक्ताओं को इस माह घरेलू और व्यवसायिक रसोई गैस सिलेंडर के लिए जेब अधिक ढीली करनी होगी। घरेलू गैस की कीमतों में 86 और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमत 147 रुपये की बढ़ोतरी। यह कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। एक साथ इतनी कीमतें बढ़ने से उपभोक्ताओं खासकर गृहणियों में रोष है।
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लोगों का कहना है कि बढ़ रही कीमतों से लगता है कि सरकार रसोई गैस में सब्सिडी खत्म करने की तरफ  बढ़ रही है। बढ़े हुए गैस दामों के कारण होटल, रेस्तरां, हलवाई और ढाबा मालिक कीमतें बढ़ाने की फिराक में है। हालांकि प्रशासन ने तय कीमतों से अधिक संबंधित कारोबारी वसूल नहीं सकते। जिला में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर गैस उपयोग करने वाले लोगों की संख्या लगभग एक लाख 15 हजार के आसपास है। सोलन में ही लगभग 25 हजार गैस उपभोक्ता हैं। इंडेन गैस एजेंसी के मैनेजर राजकुमार सिंह ने कहा कि पहली मार्च से जिला में बढ़ी कीमतें लागू हो गई हैं।

अब एक सिलेंडर के इतने चुकाने पड़ेंगे
नई कीमतों के तहत जहां वर्तमान में घरेलू गैस के एक सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को 726 रुपये देने पड़ते थे। अब इसके लिए 812 रुपये अदा करने होंगे। यानी उतनी ही गैस के लिए अब 86 रुपये ज्यादा देने होंगे। व्यावसायिक श्रेणी के उपभोक्ताओं को 1325 रुपये  के बजाय 1472 रुपये देने होंगे। इससे 147 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
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लोगों पर पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
सोलन में रहने वाले कैलाशनाथ ओझा पेंशनर हैं। उनका कहना है कि सरकार के इस फैसले से मध्यम वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार कई पेंशनरों की पेंशन और भत्ते पूरी तरह से दे नहीं पा रही है। साथ ही रोजमर्रा में उपयोग होने वाली चीजों के दाम बढ़ाकर परेशान कर रही है। सरकार को गैस कीमतों को नहीं बढ़ाना चाहिए। यह गलत है।

गैस सिलेंडर की होगी काला बाजारी
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के प्रदेश सचिव रमण प्रिमटा ने कहा कि इस फैसले से शहर में गैस की काला बाजारी को बढ़ावा मिलेगा। सोलन में उच्च शिक्षा लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों छात्र आते हैं। इनके अभिभावक खुद आर्थिक तंगी सहकर बच्चों का खर्च पूरा कर रहे हैं। ऐसे में गैस के दाम बढ़ाने से विद्यार्थियों के खर्च को और बढ़ाने जैसा है। हर माह गैस वृद्धि आम जनमानस को परेशानी में डालने वाली है।

उपयोगी वस्तुओं के नहीं बढ़े दाम
कसौली की रहने वाली नीलम सोलन में निजी कंपनी में कार्य करती है। उनका कहना है कि केंद्र और प्रदेश सरकार सभी उपयोगी वस्तुओं के दाम बढ़ाने में लगी है जो नहीं होना चाहिए। काला धन के नाम पर पहले ही पैसों की किल्लत झेल रहे लोगों को और परेशान किया जा रहा है। गैस के दाम बढ़ाने से गृहणियों को होने वाली परेशानी का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है।  

अतिरिक्त बोझ व्यापारियों पर
सोलन माल रोड में होटल कारोबार से जुड़े अनिल चौहान ने कहा कि व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतें सीधे 147 रुपये बढ़ाकर कारोबारियों को गहरा झटका दिया है। कहा कि होटल का कारोबार बिना गैस सिलेंडर नहीं होता। एकदम खाने की कीमतें भी नहीं बढ़ाई जा सकती। ऐसे में कारोबारियों को अतिरिक्त कीमतें चुकानी पड़ेंगी। हर माह गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से ऐसा लगा रहा है कि सरकार मानो सब्सिडी खत्म करने जा रही हो।
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